132 केवी जीएसएस के यार्ड में जाना भी मुश्किल सम्पूर्ण महिला पावर हाउस का मामला
अजमेर. अब तक कॉलोनी व मोहल्ले के लोग ही बंदरों से परेशान थे वहीं अब बंदरों बिजली महकमें के एक पावर हाउस पर ही कब्जा जमा लिया है। एमडीएस यूनिवॢसटी के पास संचालित राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के सम्पूर्ण महिला 132 केवी ग्रिड सब स्टेशन (पावर हाउस) पर इन दिनों बंदरों ने आतंक मचा रखा है। 25-30 बंदर जहां आए दिन कर्मचारियों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे है वहीं उनकी मौजूदगी में कर्मचारियों का जीएसएस के यार्ड में जाना भी मुश्किल है। बंदरों ने तकनीकी कर्मचारी राकेश पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बंदरों के चलते पावर हाउस पर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। निगम का यह सम्र्पूण महिला अभियंताओं द्वारा संचालित जीएसएस है। महिलाएं बदंरों के आतंक से दहशत में है। कर्मचारियों ने बंदरों की समस्या से निगम के एसई बी.एल.मंडावरियों को अवगत करवाया लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
गेगल के ऑक्सीजन प्लांट की सप्लाई भी यहीं से
इस इसके जरिए शहर को रिंग सिस्टम से बिजली की आपूर्ति की जाती है। वहीं गेगल के ऑक्सीजन प्लांट के लिए यहां से ही अलग से ही सप्लाई दी जाने की व्यवस्था की गई है। बंदरों के डर से कर्मचारी जीएसएस के यार्ड में विद्युत आपूर्ति चालू व बंद करने भी नहीं जा पा रहे। आपात स्थिति में बंदर विद्युत व्यवस्था बहाल करने में बाधक बन सकते है।
पानी के टैंक पर कब्जा,बच्चे घरों में कैद
बंदरो ने जीएसएस के अंदर यार्ड में कब्जा जमाने के साथ ही पास ही कर्मचारियों की कॉलोनी में पानी के टैंक पर भी कब्जा जमा लिया। हालत यह है कि कर्मचारी पानी की मोटर भी नहीं चला पा रहे हैं। कर्मचारियों के बच्चे रातोदिन घरों में ही कैद हैं। बंदरां के डर से बाहर नहीं निकल रहे।