राजस्थान लोकसेवा आयोग
अजमेर. राजस्थान लोकसेवा आयोग साल 2020 में होने वाली भर्ती परीक्षाओं का कलैंडर बनाने में जुट गया है। सदस्यों की कमी, सीमित भर्तियों के चलते आयोग के लिए कलैंडर तय करना आसान नहीं होगा।
राजस्थान लोकसेवा आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा सहित कॉलेज लेक्चरर, स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा, कृषि, कारागार, कनिष्ठ लेखाकार और अन्य भर्ती परीक्षाएं कराता रहा है। कार्मिक विभाग, संबंधित विभाग और सरकार से अभ्यर्थना, पदों का वर्गीकरण मिलने के बाद आयोग भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करता है।
तय करता है कलैंडर
आयोग अध्यक्ष दीपक उप्रेती ने भर्ती परीक्षाओं का नियमित कलैंडर जारी करने की शुरुआत की है। इससे यूपीएससी और आयोग की परीक्षा तिथियों में आपस में टकराव नहीं होता है। साल 2019 का भर्ती कलैंडर दिसंबर में पूरा हो जाएगा। इसके बाद आयोग को 2020 के भर्ती कलैंडर बनाने में जुटना पड़ेगा।
चार सदस्यों का है इंतजार
आयोग में चार सदस्यों के पद रिक्त हैं। नियमानुसार आयोग में सदस्यों का कार्यकाल 62 साल अथवा छह वर्ष की अवधि पूरी होने तक ही रहता है। आयोग के सदस्य रहे डॉ. आर. डी. सैनी का कार्यकाल 13 अप्रेल 2019 को खत्म हुआ था। उनके बाद 17 जून को डॉ. के. आर. बगडिय़ा और सुरजीत लाल मीना का कार्यकाल खत्म हुआ। साक्षात्कार, डीपीसी और अन्य अहम कार्य अध्यक्ष और तीन सदस्यों के भरोसे हैं। आयोग बीते साल आठ साल से छह सदस्यीय ही है। यहां सातवें सदस्यों की नियुक्ति कभी नहीं हुई है।
सीमित हैं भर्ती परीक्षाएं...
प्राध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2018, सहायक वन संरक्षक एवं रेंज अधिकारी ग्रेड प्रथम, परीक्षा-2018 फिजियोथेरेपिस्ट स्क्रीनिंग टेस्ट (चिकिसा शिक्षा विभाग)का आयोजन होगा। इसके अलावा सरकार और कार्मिक विभाग से साल 2020 की अहम भर्तियों का इंतजार है। इनमें आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाओं सहित अन्य शामिल हैं।