अजमेर

मिठाइयों के रंग कहीं सेहत को नहीं कर दे ‘बदरंग

निम्न स्तर के रंगों का प्रयोग, सेम्पल की कार्यवाही जारी, त्योहार के मौके पर मिलावटियों पर रहेगी विभाग नजर

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Oct 11, 2019
मिठाइयों के रंग कहीं सेहत को नहीं कर दे 'बदरंग

अजमेर. मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले रंग आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ दुकानदार एवं हलवाई निम्न क्वालिटी के रंगों का उपयोग मिठाइयों में कर देते हैं इससे दूर से तो आकर्षण बढ़ता है मगर इन मिठाइयों को खाने के बाद हल्की क्वालिटी के रंग का असर स्वास्थ्य पर भी दिखने लग जाता है।

दीपावली पर्व को लेकर व्यापारियों की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अजमेर में मिठाइयों की खपत अच्छी होती है, ऐसे में पूजन के काम आने वाली मिठाइयां अभी से बनना भी शुरू हो गई हैं, जो जल्द बाजार में बिकने को आने वाली हैं। अगर फीका मावा (खोया) की बात करें तो अजमेर जिले से बाहर बीकानेर, पाली, जालोर सहित कई जिलों से अजमेर में सप्लाई होता है ऐसे में फीका मावा की खरीद भी जांच-परख कर करने की आवश्यकता है।
इन मिठाइयों में करते हैं रंगों का उपयोग

जलेबी, मावा की मिठाइयां, ड्राई फू्रट्स की मिठाइयां, रस मलाई, केसरबाटी सहित अन्य मिठाइयों में उपयोग करते हैं।

दुकानदारों से भी समझाइश

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से मिठाई विक्रेता एवं दुकानदारों से भी उच्च क्वालिटी की मिठाई बेचने, फीका मावा खरीदते समय जांच कर लेने एवं उसके बाद मिठाइयां तैयार करने को लेकर समझाइश की जा रही है।
एक्सपर्ट व्यू...

मिठाइयों में कुछ दुकानदार मैटेलिक रंगों का उपयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। मैटेलिक रंग के उपयोग वाली मिठाइयों के लगातार सेवन करने से किडनी एवं लीवर डेमेज हो सकता है। कुछ रंग ऐसे होते हैं, जो मैटेलिक नहीं होते हैं और उच्च क्वालिटी के होते हैं, उनसे किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।

डॉ. संजीव माहेश्वरी, वरिष्ठ फिजिशियन

त्योहार के सीजन में आमजन को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। मिठाइयों में जो मैटेलिक कलर प्रयोग किए जाते हैं उनमें केमिकल होता है। इससे पेट संबंधी विकार हो सकते हैं।

डॉ. रंजन रॉय, फिजिशियन

Published on:
11 Oct 2019 10:43 pm
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