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अजमेर.
राजस्थान लोक सेवा आयोग को अप्रेल से जून के बीच अहम कामकाज में दिक्कतें हो सकती है। दरअसल यहां सदस्यों के तीन पद रिक्त होंगे। सरकार ने समय रहते फैसला नहीं किया तो आयोग अध्यक्ष और तीन सदस्यों के भरोसे ही चलेगा।
राजस्थान लोक सेवा आयोगवर्ष 1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन किया गया था। इसका कार्य निर्धारण राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्तें 1963, राजस्थान लोक सेवा आयोग ( शर्तें एवं प्रक्रिया का मान्यकरण अध्यादेश -1975, नियम-1976) के तहत हुआ है। आयोग में शुरुआत से अध्यक्ष सहित पांच सदस्य होते थे। कांग्रेस सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल (2013) में दो सदस्यों की संख्या बढ़ा दी। इससे आयोग सात सदस्यीय हो गया है।
सैनी से होगी शुरुआत
आयोग में सबसे पहले वरिष्ठतम सदस्य डॉ. सैनी का कार्यकाल 13 अप्रेल 2019 को समाप्त होगा। उनके बाद डॉ. के. आर. बगडिय़ा और सुरजीत लाल मीना का कार्यकाल खत्म होगा। इनकी नियुक्ति 18 जून 2013 को हुई थी। नियमानुसार आयोग में सदस्यों का कार्यकाल 62 साल अथवा छह वर्ष की अवधि पूरी होने तक ही रहता है। इनके बाद यहां अध्यक्ष दीपक उप्रेती के अलावा सदस्य डॉ. शिवसिंह राठौड़, राजकुमारी गुर्जर और रामूराम राइका ही रह जाएंगे। आयोग को अहम फैसले लेने में परेशानी हो सकती है।
एक सदस्य का पद रिक्त
आयोग में सातवें सदस्य की नियुक्ति पिछले आठ साल में भी नहीं हुई है। इस दौरान पांच साल भाजपा का राज रहा। जबकि कांग्रेस फिर सत्ता में लौटी है। इसके बावजूद सातवें सदस्य का आयोग को इंतजार है।
यह होनी हैं अहम परीक्षाएं
आरएएस मुख्य परीक्षा-2018, प्राध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2018, सहायक वन संरक्षक एवं रेंज अधिकारी ग्रेड प्रथम, परीक्षा-2018 का आयोजन होगा। इसके अलावा सरकार और कार्मिक विभाग से साल 2019 की अहम भर्तियां भी मिलनी हैं। इनमें आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा भी शामिल है।