अजमेर

पुष्कर में घूमते दिखेंगे शेर और चीते, अरावली हिल्स में यूं गूंजेगी दहाड़

वन्य जीव देखने के लिए पर्यटकों को अब सवाईमाधोपुर सहित दूरदराज के अभयारण्य में नहीं जाना पड़ेगा।
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Updated: 18 Nov 2017, 8:38 AM IST
lions and tigers move in pushkar soon
lions and tigers move in pushkar soon

महावीर भट्ट/पुष्कर।

पुष्कर आने वाले पर्यटकों को अब शेर और चीते घूमते दिखाई देंगे। वन विभाग की पंचकुंड, डीयर पार्क सहित इनसे लगती करीब 56 हैक्टेयर भूमि पर 33.50 करोड़ की लागत से बायोलोजिकल पार्क बनेगा। योजना के प्रथम चरण में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। आगामी मार्च माह में यह पार्क बनकर तैयार हो जाएगा।

वन्य जीव देखने के लिए पर्यटकों को अब सवाईमाधोपुर सहित दूरदराज के अभयारण्य में नहीं जाना पड़ेगा। वन विभाग की ओर से शीघ्र की पुष्कर में 56 हैक्टेयर जमीन पर 33.50 करोड़ की लागत से बायोलॉजिकल पार्क का प्रोजेक्ट बनाकर स्वीकृति के लिए सेन्ट्रल जू अथॉरिटी को भेजा जाएगा। यह योजना दो चरणों में होगी।

ढाई करोड़ रुपए मंजूर

बायोलॉजिकल पार्क बनाने से पूर्व वन्य जीवों को प्राकृतिक वातावरण देने, पर्यटकों के घूमने तथा सुरक्षा के उपायों के तहत बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जाएगा। इसके लिए 2.50 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। डीएफओ अजय चित्तोड़ा के अनुसार इस पार्क में खुला पाथ-वे होगा तथा विभिन्न प्रजातियों के पेड़ पौधे लगाए जाएंगे, ताकि वन्य जीवों को पूरी तरह से प्राकृतिक वातावरण मिल सके।

यहां बनेगा पार्क :

पुष्कर में वन विभाग की पंचकुंड नसर्री, डीयर पार्क सहित अजमेर पुष्कर रोड के सामने से लगता ईको पार्क का समस्त वन क्षेत्र पर दोनों पार्क विकसित किए जाएंगे।

पंचकुंड नसर्री, डीयर पार्क व इससे लगती वन भूमि पर 33.50 करोड़ की लागत से 56 हैक्टेयर जमीन पर बायोलॉजिकल पार्क के प्रथम चरण में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने की 2.50 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। दूसरे चरण में बायोलॉजिकल पार्क बनेगा। इसका प्रोजेक्ट सेन्ट्रल जू अथॉरिटी को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। पार्क में शेर-चीते सहित अन्य वन्य जीव, पशु-पक्षी खुले विचरण करते देखे जा सकेंगे।

अजय चित्तोड़ा, डीएफओ, अजमेर

पुष्कर में वन विभाग की ओर से बायोलॉजिकल पार्क विकसित करने की योजना के साथ ही पर्यटक बढ़ेंगे तथा प्राकृतिक विकास होगा। पर्यटक पुष्कर में वन्य जीव देखने को आएंगे। यह निर्णय पुष्कर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

सुरेश सिंह रावत, संसदीय सचिव एवं विधायक पुष्कर

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