अजमेर

tripple talaq bill : ट्रिपल तलाक अधिनियम में पहला मामला दर्ज

इस मामलें में दरगाह थाना पुलिस ने पीडि़ता के पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया था।
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Updated: 9 Aug 2019, 7:14 AM IST
tripple talaq case
tripple talaq case

अजमेर. संसद में पास हुए ट्रिपल तलाक विधेयक का मुस्लिम महिलाओं को अब लाभ मिलेगा। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम द्वारा पत्नी को तलाक (tripple talaq) देने के प्रकरम में दरगाह थाना पुलिस ने ट्रिपल तलाक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने महिला का मेडिकल भी कराया।

दरगाह क्षेत्र स्थित मोती कटला धोबी मोहल्ला निवासी सना (26) पत्नी सलीमुद्दीन उर्फ बाबू (62) ने दरगाह थाने में शिकायत दी। इसमें बताया कि शौहर सलीम उसके साथ मारपीट करता है। 7 अगस्त को उसने तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोलकर प्रताडि़त किया। इस मामलें में दरगाह थाना पुलिस ने पीडि़ता के पति के खिलाफ घरेलू हिंसा (domestic violence)का मामला दर्ज किया था।

कर चुका है पांच निकाह
जयपुर निवासी सना ने पत्रकारों को बताया कि सलीमुद्दीन पांच निकाह (marriages) पहले ही कर चुका है। सलीम ने 2017 में उससे निकाह किया था। वह तीन साल लगातार मारपीट (beat) और प्रताडि़त कर रहा है। इसके अलावा उसकी एक पत्नी ने भी मारपीट की है। उसने कई बार दरगाह थाने (dargah thana)में शिकायत दी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक (S.P.Ajmer) से मुलाकात के बाद दरगाह थाना ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। उसने फिलहाल अपने रिश्तेदार घर पर शरण ली है। उधर पुलिस का कहना है, कि पति-पत्नी के विवाद मामले में सलीमुद्दीन को शांतिभंग में पाबंद किया गया।

नए अधिनियम के तहत मामला दर्ज
केंद्र सरकार ने ट्रिपल तलाक (tripple talaq) के खिलाफ विधेयक पारित किया है। गुरुवार को विधेयक में जोड़ी गई धाराएं और गजट नोटिफिकेशन (notification) को लेकर पुलिस अधिकारियों ने कानून विशेषज्ञों से चर्चा की। पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप (kunwar rashtradeep)ने बताया कि विशेषज्ञों से चर्चा के बाद पुलिस ने द मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मेरिज एक्ट-2019 की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया है। विधेयक (bill) पास होने के बाद अजमेर में ट्रिपल तलाक का पहला मामला सामने आया है।

क्या कहते हैं अधिवक्ता...
ट्रिपल तलाक पर विधेयक पारित हो चुका है। इसमें जिन कानूनी धाराओं का प्रावधान किया गया है, इसका नोटिफिकेशन जारी होना है। ट्रिपल तलाक मामले में अब नए विधेयक और धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जाने चाहिए।
देवेंद्र सिंह शेखावत, अधिवक्ता

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