
देश में आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त और बाबरी मस्जिद ढहाने की पहली बरसी पर देश भर में सीरियल बम धमाके करने वाले आतंकी आरोपित अब्दुल करीम उर्फ टुंडा की सुनवाई मंगलवार को टाडा अदालत में हुई।
सुरक्षा व अन्य कारणों के चलते आरोपित को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। मामले के दो अन्य आरोपितों हमीदुद्दीन व इरफान को अदालत में पेश किया गया।
आरोपितों की ओर से वकील अब्दुल रशीद ने अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश कर इनकी आंखों की जांच कराने की प्रार्थना अदालत से की।
अर्जी में बताया गया कि आरोपितों की आंख में मोतियाबिंद व पानी आने की तकलीफ है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए।
चार्ज बहस 24 जनवरी को
मामले में चार्ज बहस के लिए 24 जनवरी 2017 की पेशी दी गई है। आरोपित टुंडा की ओर से पैरवी करने के लिए रोहतक के वकील विनीत वर्मा ने अंडर टेकिंग दी। टुंडा की अनुपस्थिति में वकालत नामा अदालत में नहीं दिया जा सका।
सरकार ने उपलब्ध कराई विधिक सहायता
आरोपितों की पैरवी के लिए सरकार खर्च पर वकील मुहैया कराने के आदेश अदालत गत 27 सितम्बर को दे चुकी है जिसके अनुसार आरोपितों की पैरवी विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से करने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में मंगलवार को आरोपितों की ओर से वकीलों ने उपस्थिति दी। सरकारी खर्च पर किसी आतंकी को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का एेसा मामला कम ही देखने को मिलता है।
इससे पहले विधिक सहायता के रूप में जरूरतमंद व निर्धन पक्षकारों को उनकी पैरवी के लिए निशुल्क कानूनी सहायता दी जाती रही है। प्रकरण में आगामी पेशी 24 जनवरी 2017 तय की गई है। गत पेशी पर आरोपितों की ओर से उन्हें नि:शुल्क कानूनी सहायता दिए जाने की मांग की थी।