1998 व 2009 में भी बना था ऐसा योग
पुष्कर (अजमेर). कार्तिक मास का धनत्रयोदशी पर्व 21 साल के अंतराल में दो दिन तक मनाया जाएगा।
पुष्कर के पं. कैलाशनाथ दाधीच ने बताया कि ज्योतिष मत एवं पंचांग की गणितीय गणना के आधार पर 25 अक्टूबर कार्तिक कृष्णा द्वादशी तिथि शुक्रवार को त्रयोदशी शाम को 7 बजकर 7 मिनट से प्रारंभ होगी। अगले दिन शनिवार कार्तिक कृष्णा तेरस तिथि को अपराह्न 3 बजकर46 तक रहेगी। इसी सायंकाल में धनत्रयोदशी का आगमन होगा। शनिवार को त्रयोदशी में सूर्योदय होगा। दो दिन तक धनतेरस का योग है। इससे पूर्व 17 अक्टूबर 1998 एवं 2 नवम्बर 2009 में एेसा संयोग बन चुका है। यह तीसरा मौका है जब धनतेरस 21 साल में तीसरी बार दो दिन तक मनाई जाएगी।
अमावस तिथि का योग
दीपावली महालक्ष्मी पूजन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी रविवार को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से अमावस्या तिथि शुरू होगा तथा रात्रि को दीपावली इसी रात मनाई जाएगी। सोमवार सुबह 9 बजकर 08 मिनट तक अमावस होने के कारण सोमवती अमावस्या को योग रहेगा। अत: पितृों का पूजन, तर्पण, हवन, दान-पुण्य पुष्कर तीर्थ में करने से कामधेनु के समान अक्षय कोटि गुना फल मिलेगा। इस दिन पितृों की उपासना से पित्र प्रसन्न होंगे। सोमवती अमावस्या पर पुष्कर तीर्थ में स्नान दान पुण्य का विशेष महत्व अनेक शास्त्रों में वर्णित है।