अजमेर

बोले आरपीएससी चेयरमेन उप्रेती..15 अगस्त तक निकालेंगे ये रिजल्ट

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Aug 12, 2018
aspirants meet rpsc chairman
aspirants meet rpsc chairman

अजमेर

कॉलेज व्याख्याता भर्ती-2014 में शामिल अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। अभ्यर्थियों ने जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यक्ष दीपक उप्रेती से मुलाकात की।

अध्यक्ष ने 15 अगस्त तक बकाया परिणाम जारी करने का आश्वासन दिया। अभ्यर्थियों ने आयोग अध्यक्ष उप्रेती को बताया कि कॉलेज व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2014 पिछले पांच साल से लंबित है। साक्षात्कार के बाद भी आयोग परिणाम जारी नहीं कर रहा है।

इसके चलते अभ्यर्थियों को नौकरियां नहीं मिल पाई हैं। वहीं कॉलेज में भी विषयवार व्याख्याताओं की कमी बनी हुई है। इस पर आयोग अध्यक्ष ने उन्हें 15 अगस्त तक बकाया नतीजे निकालने और कामकाज चुस्त-दुरुस्त बनाने का आश्वसान दिया।

उप्रेती ने बताए पुराने किस्से...

अध्यक्ष उप्रेती ने अभ्यर्थियों और जिला बार एसोसिएशन पदाधिकारियों को पुराने किस्से भी सुनाए। उन्होंने हाल में कराई आरएएस प्रारंभिक परीक्षा सहित संभागीय आयुक्त रहते कराए गए कामकाज, राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह और अन्य मामलों का हवाला देकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की बात कही। इस दौरान बार एसोसिएसन के सह सचिव डॉ. राहुल भारद्वाज, दीपक शर्मा और अन्य मौजूद थे।


आप बंद कर दीजिए कॉलेज को

राजकीय कन्या महाविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को लेकर छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। छात्राएं कलक्ट्रेट तक रैली के रूप में पहुंची। उन्होंने उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री के नाम अतिरिक्त कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

छात्रा हर्षा रावत, हर्षिता जोशी, सुमन शर्मा, अंतिमा और अन्य ने बताया कि राजकीय कन्या महाविद्यालय में विषयवार शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित है। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद गतिविधियां भी नियमित नहीं हो रही हैं। कॉलेज परिस में लगाई गई सेनेटरी नेपकिन मशीन खराब है।

सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति के चलते असामाजिक तत्व कॉलेज में घुस जाते हैं। कॉलेज में प्रवेश के दौरान सौ रुपए पार्र्किंग शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद उनसे दस रुपए वसूले जा रहे हैं। छात्राओं ने बताया कि टॉयलेट और कक्षाओं की नियमित सफाई नहीं होती है। तकनीकी दौर में भी कॉलेज परिसर वाई-फाई सुविधा से वंचित है। मुख्य सड़क पर वाहनों का रेल-पेल रहती है। यहां स्पीड ब्रेकर नहीं होने से दुर्घटना का खतरा नबना रहता है। छात्राओं ने साफ कहा कि अगर समस्याएं नहीं सुलझा सकते तो कॉलेज बंद कर दिया जाना चाहिए। इस दौरान रश्मि, तान्या, निशा और अन्य छात्राएं मौजूद थी।

Published on:
12 Aug 2018 11:15 am