weather report:आषाढ़ को सूखा विदा करने वाली घटाएं सावन के तीसरे दिन भी तरसाती नजर आई। जिले में पिछले 14 दिन से कहीं भी बरसात नहीं हुई।
अजमेर
घटाओं ने शुक्रवार को भी खामोशी नहीं तोड़ी है। सावन (sawan) का तीसरा दिन फिलहाल सूखा बीत रहा है। शहर और जिले से इंद्रदेव रूठे हुए हैं। सुबह से बादल (clouds in ajmer) आसमान में छाए रहे। कई बार धूप-छांव का दौर भी चला। लेकिन मानसून की सुस्ती कायम है।
सुबह से ही आसमान (blue sky) पर बादल मंडराते दिखे। हवा चलने और बादलों के कारण मौसम (mausam) खुशनुमा है। धूप-छांव का दौर भी चल रहा है। आषाढ़ (aashad)को सूखा विदा करने वाली घटाएं सावन के तीसरे दिन भी तरसाती नजर आई। जिले में पिछले 14 दिन से कहीं भी बरसात नहीं हुई।
मानसून के बचे 74 दिन
जिले और प्रदेश में जून से सितंबर (122 दिन) के बीच मानसून (monsoon) की सक्रियता मानी जाती है। लिहाजा इस साल मानसून के 48 दिन बीत चुके हैं। अब महज 74 दिन बचे हैं। 5 से 7 जुलाई तक जिले के कई हिस्सों में झमाझम बरसात (rain in ajmer) हुई थी। कुछेक तो छिटपुट फुहारें ही गिरी थी। पिछले दस दिन से बारिश नदारद है। मौसम विभाग के अजमेर (ajmer district) में अब तक 202 और सिंचाई विभाग के मुताबिक सौ मिलीमीटर हुई। जबकि जिले की औसत बारिश 550 मिलीमीटर मानी जाती है। इसको देखते हुए जिले को तीन सौ मिलीमीटर से ज्यादा बरसात की और जरूरत है।
बीते पांच साल में हुई बरसात (मिलीमीटर में )
2012-520.2
2013-540
2014-545.8
2015-381.44
2016-512.07
2017- 450
2018- 325
जिले में 1 जून से अब तक बारिश (मिमी में)
अजमेर 134, श्रीनगर 51, गेगल 24, पुष्कर 87, गोविन्दगढ़ 38, बूढ़ा पुष्कर 26, नसीराबाद 44, पीसांगन 74, मांगलियावास 26, किशनगढ़ 60, बांदरसींदरी 17, रूपनगढ़ 126, अरांई 93, ब्यावर 161, जवाजा 98, टॉडगढ़ 113, सरवाड़ 105, गोयला 113, केकड़ी 117, सावर 35, भिनाय 54, मसूदा 38, बिजयनगर 48, नारायणसागर 41
इन जलाशयों में पानी (फीट में)
आनासागर 12.5, फॉयसागर 2.2, पुष्कर 4.3, अजगरा 3.6, ताज सरोवर अरनिया 8.6, खानपुरा 3.6, जवाजा 3.4, बूढ़ा पुष्कर 6.6, बांके सागर 1.8
जिले में खाली पड़े हैं यह जलाशय
ऊंटड़ा, रामसर, बीर, फूलसागर कायड़, रूपनगढ़, शिवसागर न्यारा, फूलसागर जालिया, राजियावास मकरेड़ा, गोविंदगढ़, मदन सरोवर धानवा, मूंडोती, पारा प्रथम और पारा द्वितीय, लसाडिय़ा, बसूंदनी, नाहर सागर पीपलाज, लोरडी सागर, नारायण सागर खारी, डेह सागर बड़ली, न्यू बरोल, मान सागर जोताया और अन्य