पानी की आवक कम हुई तो ग्रामीण इलाकों में लोगों को हैंडपम्प और टैंकर के भरोसे रहना पड़ रहा है।
अजमेर
सावन में मानसून ने फिर सुस्ती ओढ़ ली है। रविवार को भी बादल (clouds in sky) उमड़ते-घुमड़ते रहे। बरसात (barsat) की उम्मीदें पूरी नहीं हुई। अधिकतम तापमान 32.5 से 34 डिग्री के बीच चल रहा है।
शनिवार की तरह रविवार को भी मौसम सामान्य (normal weather ) बना हुआ है । सुबह बादलों की टुकडिय़ां मंडराई पर बरसात हीं हुई। हवा (breeze)चलने से कुछ देर तो सुकून मिला पर धूप-छांव के चलते मौसम में गर्माहट (hot weather) हो गई है। कुछेक इलाकों में मामूली बूंदें टपकी। जिले में पिछले दो-तीन से कहीं जमकर बरसात नहीं हुई। न्यूनतम 25.3 से 27 डिग्री तक कायम है।
जलाशयों को लबालब होने का इंतजार
बरसात के चलते जिले के जलाशयों (water bodies) में पानी आया है। लेकिन कई तालाबों (ponds)और बांधों (dams) को लबालब (full water storage) होने का इंतजार है। मौजूदा वक्त आनासागर पुष्कर , फायसागर (foy sagar) और कुछेक जलाशयों को छोडकऱ अधिकांश में 5 से 8 फीट तक पानी आया है। जबकि इनमें से कई की क्षमता 15 से 20 फीट तक है। पानी की आवक कम हुई तो ग्रामीण इलाकों में लोगों को हैंडपम्प (hand pump) और टैंकर (tanker) के भरोसे रहना पड़ रहा है।
मानसून के 51 दिन बाकी
मानसून आषाढ़ (ashad), सावन (sawan), भादौ (bhadva)और आसोज (aasoj) तक (1 जून से 30 सितम्बर) सक्रिय रहता है। इस लिहाज से मानसून के सिर्फ 51 दिन ही शेष हैं। जिले में करीब 390 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। यहां आंकड़ा पिछले साल (last year)के मुकाबले ठीक है। पिछले साल अगस्त के दूसरे सप्ताह तक सिर्फ 215.723 मिलीमीटर ही बरसात (average rain) हुई थी। जबकि औसत बरसात 550 मिलीमीटर मानी जाती है।