अजमेर

Weather report: आसमान में बादलों का डेरा, गर्मी से मिली कुछ राहत

सूरज बादलों में कैद है। इसके चलते धूप की चुभन और गर्मी से लोगों को सुकून मिला है।
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May 02, 2021
clouds in ajmer
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अजमेर.

मौसम में बदलाव का दौर कायम है। रविवार सुबह से बादलों ने आसमान को घेर लिया है। धूप नहीं निकलने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में दो दिन से मौसम में तब्दीली हुई है। रविवार सुबह से आसमान पर बादलों ने डेरा जमा लिया है। सूरज बादलों में कैद है। इसके चलते धूप की चुभन और गर्मी से लोगों को सुकून मिला है। वीकेंड कफ्र्यू के असर से चहल-पहल कम है। मालूम हो कि जिले में शुक्रवार रात तेज गर्जना संग अजमेर और आसपास के इलाकों में हल्की बौछारें और चने के आकार के ओले गिरे थे। न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

लगातार दूसरे दिन राहत
बीती 25 अप्रेल से पारे का ग्राफ 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ था। लू और धूप की तपन बेहाल कर रही थी। पश्चिमी विक्षोभ के चलते राज्य में दो दिन से मौसम पलटा है। इसके चलते शनिवार को 40 डिग्री से नीचे लुढ़का। रविवार को भी तापमान 37.9 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

पिछले दिनों में तापमान
28 अप्रेल-42.4
29 अप्रेल-42.0
30 अप्रेल-41.4
1 मई-37.9
2 मई-37.9

आपस में उलझी हैं यूनिवर्सिटी, कॉमन सिलेबस बनना मुश्किल

अजमेर. राज्य के विश्वविद्यालयों में साल 2021 में भी कॉमन सिलेबस बनना मुश्किल है। दरअसल कई विश्वविद्यालयों में बोर्ड ऑफ स्टडीज का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसके अलावा सिलेबस बनाने और उसके अनुसार किताबें उपलब्ध कराना भी आसान नहीं है।

राजभवन राज्य के 28 सरकारी विश्वविद्यालयों में कॉमन सिलेबस लागू करने का पक्षधर है। इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के लॉ, कला, वाणिज्य, विज्ञान, ललित कला, प्रबंधन, सामाजिक विज्ञान संकाय से जुड़े सिलेबस शामिल हैं। नियमानुसार विश्वविद्यालय की पाठ्यचर्या समिति (बोर्ड ऑफ स्टडीज) विषयवार पाठ्यक्रम तैयार करती हैं। समितियों में विभिन्न कॉलेज और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, रीडर और विशेषज्ञ शामिल किए जाते हैं।

तीन विश्वविद्यालयों पर अहम जिम्मेदारी
राजस्थान विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर और एम.एल. सुखाडिय़ा विवि उदयपुर पर सिलेबस बनाने की अहम जिम्मेदारी है। इन्हें संकायवार सर्वाधिक विशेषज्ञ और शिक्षक होने से यह प्रभार दिया गया है। लेकिन पिछले साल लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के चलते शैक्षिक सत्र में परेशानियां हुई। इस बार भी हालात सामान्य नहीं हैं।

Published on:
02 May 2021 08:52 am