प्रमाणित प्रतियों से सुनवाई के आदेश को विधिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बतायागत पांच दिनों से नहीं हो रहा राजस्व न्यायालयों में न्यायिक कामकाज
अजमेर. राजस्व मंडल द्वारा यूओ नोट जारी कर मंडल सदस्यों को अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के मूल अभिलेख (रिकॉर्ड) मंगवाए जाने पर रोक लगाने तथा निगरानीकर्ता को अधीनस्थ राजस्व अदालत के निर्णय-दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्रस्तुत करने के निर्देश का राजस्व मंडल बार एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। हालांकि मंडल प्रशासन ने आदेश को पक्षकारों के लिए सुविधाजनक बताया है।
वकीलों का यूओ नोट वापसी पर दबाव
राजस्व बार के अनुसार राजस्थान भू-राजस्व अधिनिम की धारा-१० के तहत यूओ नोट जारी कर विधिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न्यायिक प्रक्रिया को समाप्त नहीं किया जा सकता। बार ने यूओ नोट वापस लेकर पूर्व की व्यवस्था को बहाल रखने की मांग की है। अन्यथा राजस्व बार एसोसिएशन उग्र आन्दोलन करेगी।
राजस्व मंडल में चार दिन से हड़ताल
कोरोना के कारण पहले ही न्यायिक प्रक्रिया ठप चल रही थी। अब यूओनोट वापस लिए जाने की मांग को लेकर राजस्व अधिवक्ता पिछले पांच दिनों से न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। इससे राजस्व मंडल व अधीनस्थ राजस्व अदालतों में न्यायिक कामकाज ठप है। मुकदमों में केवल तारीख बदली जा रही हैं।
. . .आदेश से पक्षकारों को मिलेगी राहत
उधर, राजस्व मंडल निबंधक ने मंडल के यूओ नोट आदेश को आमजन के लिए सुविधाजनक बताया है। उनका कहना है कि इससे निचली अदलतों से मूल पत्रावली तलब किए जाने में लगने वाले समय की बचत होने से मामले जल्द निस्तारित हो सकेंगे। निबन्धक के अनुसार कई बार प्रकरणों में स्टे नहीं होने के बावजूद फाइल निचली अदालत से तलब कर ली जाती है। जिससे अधीनस्थ अदालत में बिना स्टे के ही समस्त कार्रवाई ठप हो जाती है, यह ठीक नहीं है। इससे निचली अदालतों में पेंडेंसी बढ़ती है।