
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
कोरोना वायरस संक्रमण में वर्क फ्रोम होम प्रणाली की तरफ पूरी दुनिया ने कदम बढ़ा दिए हैं। सरकारी और निजी कार्यालयों, कम्पनियों में अधिकारी-कर्मचारी घर बैठकर कामकाज कर रहे हैं। राज्य में आरएएस, कॉलेज, स्कूल शिक्षक और अन्य भर्तियां अंजाम देने वाला राजस्थान लोक सेवा आयोग भी इनमें शामिल हैं। यहां उप सचिव, सहायक सचिव, अनुभाग अधिकारी सहित 50 प्रतिशत कर्मचारी बखूबी कामकाज संभाल रहे हैं।
1949 में स्थापित राजस्थान लोक सेवा आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती, पुलिस उप निरीक्षक, कॉलेज और स्कूल व्याख्याता, प्रधानाध्यापक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और अन्य अहम भर्ती परीक्षाओं के आयोजन, परिणाम निकालने का काम करता है। साल भर तक यहां भर्तियां, परीक्षा, परिणाम, काउंसलिंग, साक्षात्कार चलते हैं। यहां अध्यक्ष और तीन सदस्यों के अलावा करीब 300 अधिकारी, कर्मचारी कार्यरत हैं।
लॉकडाउन में भी मुस्तैद
लॉकडाउन के दौरान पहले आयोग में 33 प्रतिशत कर्मचारी बुलाए गए थे। अब 50 प्रतिशत कर्मचारी अनुभागों में कामकाज संभाले हुए है। अन्य कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम से कामकाज कर रहे हैं। आयोग ने अधिकारियों-कर्मचारियों के बूते आयोजना विभाग में सहायक सांख्यिकी अधिकारी, मत्स्य और सहायक मत्स्य विकास अधिकारी भर्ती, वरिष्ठ अध्यापक हिंदी, अंग्रेजी और अन्य परिणाम जारी कर दिए हैं। इसके अलावा पूर्व में स्थगित परीक्षाओं की तैयारियां जारी हैं। फ्रॉम होम के तहत कार्यरत स्टाफ ऑनलाइन कार्यरत है।
यह हो सकते हैं आयोग को फायदे
-परिणाम ऑनलाइन जारी होने से भीड़ कम
-आवेदन पत्र और अन्य औपचारिकताएं ऑनलाइन
-अभ्यर्थियों को बुलाया जाए सिर्फ साक्षात्कार और काउंसलिंग के लिए
-केवल आवश्यक कार्य के लिए आएं आगंतुक
-कम आवजाहीसे आयोग के आसपास घटेगा प्रदूषण
-ऑनलाइन कामकाज करने में स्टाफ की बढ़ेगी दक्षता