
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालोजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज आडीटोरियम में तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय ऐरगोनोमिक्स कॉन्फ्रेंस (Ergonomics conference) का उद्घाटन हुआ। अध्यक्षता एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने की। कॉन्फ्रेंस का विषय है- ‘‘नौकरी तथा कार्य के वातावरण का मानवीयकरण’’। जाकिर हुसैन इंजीनियरिंग कॉलेज के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा इसका आयोजन किया गया है। कॉन्फ्रेंस में कहा गया प्रसन्न कर्मचारी ही अच्छा कार्य करता है। इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा और आदर का ध्यान रखें। समापन 10 दिसम्बर को सम्पन्न होगा।
कर्मियों को सुरक्षित वातावरण बनाएं
कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कॉन्फ्रेंस में अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि कॉन्फ्रेंस का विषय केवल मैकेनिकल इंजीनियरिंग से सम्बन्ध नहीं रखता, बल्कि सभी क्षेत्रों के लिये एक रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कार्य के स्थानों पर भावनात्मक एवं शारीरिक सुरक्षा महत्वपूर्ण मानवीय आवश्यकता है। कार्यस्थल पर विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए कुलपति ने कहा कि महिलाओं के साथ आदर सम्मान का बर्ताव होना चाहिए। उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध किया जाना चाहिए, जहां भय की कोई गुंजाइश न हो।
दिव्यांग कर्मचारियों का ध्यान रखें
प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि सभी कर्मचारी सुरक्षित रहें। उनके आदर सम्मान को क्षति न पहुंचे तथा दिव्यांग कर्मचारियों के सन्दर्भ में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाऐं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पश्चिमी देश कार्यस्थल दिव्यांगों की सुरक्षा के सन्दर्भ में अत्यधिक संवेदनशील है। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने आगे कहा कि इंजीनियरिंग संकाय में नये पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेज में हमारे पास एक प्रतिष्ठित विभाग है लेकिन सौर ऊर्जा आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस तथा इंडस्ट्रीयल सेफ्टी जैसे नये पाठ्यक्रम प्रारम्भ करके हमें आगे बढ़ना होगा।
शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे
कॉन्फ्रेंस के मुख्य अतिथि सेंनजोज़ विश्वविद्यालय अमरीका के प्रोफेसर लुईस ई फ्राइंड ने कहा कि उन्हें इस कांफ्रेंस में भाग लेकर प्रसन्नता हो रही है। वह तीन दिवसीय कांफ्रेंस में इंडस्ट्री में कर्मचारियों की सेफ्टी के मामले, मानवीय पहलुओं की प्रासंगिकता तथा इरगोनोमिक्स की प्रासंगिकता पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। डीआरडीओ के निदेशक डायरेक्टर जरनल आरएण्डएम प्रो. जकुआम अहमद ने कहा कि कार्य का वातावरण तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि पैदावार अब कर्मचारियों के आराम और संतोष पर आधारित होती है। इंडियन सोसायटी ऑफ इरगोनोमिक्स के अध्यक्ष प्रो. एके गांगुली ने कहा कि नौकरी तथा कार्य के वातावरण का मानवीयकरण के विषय पर वर्ष 2001 में मुम्बई में आयोजित हुई पहली कॉन्फ्रेंस ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 2017 में आयोजित होने वाली कांफ्रेंस तक एक शानदार सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में इस कांफ्रेंस में नौकरी तथा कार्य के वातावरण की बेहतरी के सम्बन्धित महत्वपूर्ण विचारों का आदान प्रदान हुआ है।
आधुनिक अन्दाज में पठन पाठन
जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नालोजी के प्रधानाचार्य प्रो. एमएम सुफियान बेग ने कहा कि अमुवि के इंजीनियरिंग कॉलेज में आधुनिक अन्दाज में पठन पाठन का कार्य होता है। छात्रों की नौकरियों की संभावनाएं उज्ज्वल रहती हैं। उन्होंने कहा कि रिसर्च एण्ड डवलपमेंट पर भलीभांति कार्य होता है। उद्योग तथा व्यापार से सम्पर्क रहता है और कमजोर छात्रों को सपोर्ट उपलब्ध की जाती है। अन्तर्राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार कोर्स डिजाइन किया जाता है।
सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराएं
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. अलतमिश सिद्दीकी ने कहा कि प्रसन्न कर्मचारी अच्छा कार्य करता है। कम्पनियों एवं संस्थाओं को चाहिए कि वह अपने कर्मचारियों के लिये सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करें। इस अवसर पर अतिथियों को प्रतीक चिह्न प्रदान किये गये। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एवं अन्य अतिथियों ने कांफ्रेंस की प्रोसीडिंग पर आधारित सोवीनियर का विमोचन किया। कांफ्रेंस के सहायक समन्वयक प्रो.
एम मुजम्मिल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। समन्वयक प्रो. आबिद अली खां ने उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. परवीन फारूकी ने किया।
प्रो. अरुन गर्ग को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोन्सिन, अमरीका के प्रो. अरुन गर्ग अपना स्वास्थ्य खराब होने के कारण कॉन्फ्रेंस में भाग नहीं ले सके। उनकी अनुपस्थिति में इरगोनोमिक्स में महत्वपूर्ण सेवाओं के लिये लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। अपने संदेश में उन्होंने पूर्व कांफ्रेंस की खुशगवार यादों का उल्लेख करते हुए शुभकामनाएं प्रस्तुत कीं। इस तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में वी बाला सुब्रामनियम, प्रो. धूरजती मजूमदार, प्रो. सीबीमे होर्न, प्रो. विक्टर पिक, प्रो. बीजे मोर्टन, प्रो. दीब के चक्रवर्ती, प्रो. जोज आरलेंडोगोम्स तथा प्रो. अनिरुद्ध जोशी मुख्य भाषण प्रस्तुत करेंगे। समापन 10 दिसम्बर को होगा।