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‘गुमशुदा भाजपा विधायक, 9 साल से लापता’ MLA अनिल पाराशर कौन हैं? अलीगढ़ में लगे फोटो के साथ पोस्‍टर, जानिए पूरा मामला

About BJP MLA Anil Parashar: अलीगढ़ के कोल विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक अनिल पाराशर इन दिनों 'गुमशुदा' पोस्टर लगाए जाने को लेकर चर्चा में हैं। भमोला इलाके में लगे पोस्टरों में विधायक की क्षेत्र में मौजूदगी पर सवाल उठाए गए, जबकि भाजपा समर्थकों ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पोस्टर को विपक्ष और पार्टी विरोधी लोगों की साजिश करार दिया।
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भाजपा MLA अनिल पाराशर। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

About BJP MLA Anil Parashar:उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में कोल विधानसभा सीट से BJP के विधायक अनिल पाराशर को लेकर लगाए गए कथित 'गुमशुदा' पोस्टरों ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के भमोला इलाके में रविवार देर रात कुछ घरों की दीवारों पर विधायक के पोस्टर लगाए गए। इनमें उन्हें पिछले 9 साल से लापता बताया गया और चुनाव के दौरान ही नजर आने का दावा किया गया।

पोस्टर में क्या लिखा था?

भमोला इलाके में लगाए गए पोस्टर में BJP के विधायक को 'गुमशुदा' बताते हुए सवाल उठाए गए। पोस्टर पर लिखा है, ''पूछता है भामौला, गुमशुदा भाजपा कोल विधायक (75), 9 साल से लापता, चुनाव के समय नजर आए थे।'' पोस्टर सामने आने के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई और स्थानीय राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

BJP कार्यकर्ताओं ने पोस्टर हटवाए

पोस्टर लगाए जाने की जानकारी मिलते ही BJP कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दीवारों पर लगे पोस्टरों को हटवा दिया। पार्टी समर्थकों ने पोस्टर में लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। समर्थकों का कहना है कि विधायक अनिल पाराशर पिछले 35-40 सालों से क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और विधायक बनने के बाद भी लगातार इलाके का दौरा करते रहे हैं। उनके मुताबिक, विधायक हर 3-4 महीने में क्षेत्र में आते हैं।

ग्रामीणों ने गिनाए विधायक के विकास कार्य

ग्रामीणों ने विधायक की ओर से क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, भमोला की जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण कराया गया है और फिलहाल 3 से 4 नई सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा श्रीग्यासीराम रामलीला मैदान में मंच और कमरों का निर्माण कराए जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही। उनके मुताबिक, हाल ही में इस मैदान के कायाकल्प के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

भाजपा नेता बोले- आरोप पूरी तरह बेबुनियाद

भाजपा नेता हरीश कुमार ने पोस्टर लगाए जाने की घटना को एक खास मानसिकता वाली राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि पोस्टर में लिखी गई बातें बेबुनियाद हैं। हरीश कुमार के मुताबिक, यह काम विपक्ष और पार्टी विरोधी लोगों की ओर से किया गया है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता विधायक अनिल पाराशर से नाराज नहीं है।

पोस्टर के पीछे कौन?

फिलहाल पोस्टर किसने लगाए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। भाजपा नेताओं ने इसे विपक्ष और पार्टी विरोधी लोगों की साजिश बताया है, जबकि पोस्टर में विधायक की क्षेत्र में मौजूदगी और चुनावी वादों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में भमोला में लगाए गए इन पोस्टरों ने स्थानीय स्तर पर विधायक की सक्रियता और क्षेत्रीय विकास को लेकर राजनीतिक बहस जरूर तेज कर दी है।

कौन है विधायक अनिल पाराशर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनिल पाराशर का जन्म 5 सितंबर 1971 को अलीगढ़ में हुआ था। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई के साथ एलएलबी की डिग्री भी हासिल की है। उनके पिता का नाम स्वर्गीय रामप्रसाद शर्मा है।

अनिल पाराशर ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर कोल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 93,814 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। चुनाव आयोग के आधिकारिक परिणाम में भी उन्हें BJP उम्मीदवार के तौर पर दर्ज किया गया है। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने कोल सीट पर जीत बरकरार रखी, जिससे वह लगातार 2 बार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक बने।