संजीव अग्रवाल ने टिकट न मिलने के कारण निर्दलीय चुनाव जीतकर भारतीय जनता पार्टी को अपनी ताकत का अहसास कराया था।
अलीगढ़। नगर निकाय चुनाव में नगर पालिका खैर से निर्दलीय निर्वाचित चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। वे मूल रूप से भाजपा के हैं। टिकट न मिलने के कारण निर्दलीय चुनाव जीतकर भारतीय जनता पार्टी को अपनी ताकत का अहसास कराया। संजीव अग्रवाल को इन्तजार है तो भाजपा द्वारा सम्मानपूर्वक बुलाए जाने का।
चुनाव जीतकर ताकत दिखाई
संजीव अग्रवाल का परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा है। उनके अग्रज शिवा भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष के साथ-साथ नगर पालिका खैर के दो बार सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांगा था। यह अहसास हो चुका था कि टिकट नहीं मिलेगा, इसलिए घोषणा से पहले ही निर्दलीय नामांकन कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी ने अन्नू आजाद को चुनाव लड़वाया, लेकिन वे हार गए। इससे पहले संजीव अग्रवाल पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव डाला गया, लेकिन वे अड़े रहे।
सांसद ने की बात
चुनाव परिणाम घोषित होते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के नेता इस प्रयास में है कि संजीव अग्रवाल फिर से पार्टी में शामिल हो जाएं। अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम भी संजीव अग्रवाल को पार्टी में लाना चाहते हैं। उन्होंने संजीव अग्रवाल से बातचीत भी की है। हालांकि, सांसद सतीश गौतम का कहना है कि कुछ होगा तो बता दिया जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह रामलीला मैदान में 12 को
नव निर्वाचित चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने बताया कि 12 दिसम्बर को शपथ ग्रहण समारोह है। अभी वे निर्दलीय चेयरमैन के रूप में ही शपथ ग्रहण करेंगे। रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया गया है। उनका कहना है कि वे जन्म से भारतीय जनता पार्टी के हैं। भारतीय जनता पार्टी अगर उन्हें सम्मानपूर्वक बुलाती है तो वे इनकार नहीं कर सकते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि सांसद ने उनसे बात की है।