प्रयागराज

प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा-यमुना के जलस्‍तर में लगातार बढ़ोत्तरी

प्रयागराज में गंगा नदी और यमुना नदी का जलस्‍तर लगातार बढ़ रहा है। इस वजह से प्रयागराज में बाढ़ (Prayagraj Flood) का खतरा मंड़राने लगा है।

2 min read
प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा-यमुना के जलस्‍तर में लगातार बढ़ोत्तरी

प्रयागराज. प्रयागराज में गंगा नदी और यमुना नदी का जलस्‍तर लगातार बढ़ रहा है। इस वजह से प्रयागराज में बाढ़ (Prayagraj Flood) का खतरा मंड़राने लगा है। मध्य प्रदेश में लगातार बारिश जारी है। जिस वजह से नदियों का बढ़ता पानी लगातार छोड़ा जा रहा है, जो यमुना में मिल रही हैं। केन, बेतवा, चंबल में तेज बहाव का असर प्रयागराज की यमुना में बृहस्पतिवार को दिखने की बात कही जा रही है। बुधवार को तो जरुर गंगा और यमुना के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई पर निचले इलाकों में बसे लोगों के लिए बाढ़ का खतरा टला नहीं है।

गंगा में हरिद्वार, नरौरा, कानपुर बैराज से साढ़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इसमें कानपुर बैराज से ही 2.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिसका सीधा प्रभाव प्रयागराज में बुधवार शाम को दिखने लगा था। छतनाग में गंगा का जलस्तर तीन सेमी प्रति घंटा की गति से बढ़ रहा था। वहीं फाफामऊ में गंगा स्थिर हो गई थीं। ऐसे में आज से दोनों नदियों के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी की संभावना है। मंगलवार को बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर के सामने पार्क तक जल आ गया। इससे संगम जाने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया गया। उधर अरैल स्थित पक्का घाट के दोनों गुंबद डूब पानी में गए हैं।

सिंचाई बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार शाम से यमुना में पानी बढ़ेगा। हालांकि इसका प्रभाव बुधवार शाम को ही दिखने लगा तथा जलस्तर में गिरावट मात्र दो सेमी प्रति घंटा रह गई थी। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के कंट्रोल रूम के मुताबिक 24 घंटे में नैनी, छतनाग में 33 और फाफामऊ में 23 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। जल पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं। बाढ़ राहत दल पीएसी के जवान भी लगातार भ्रमण कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम लगातार तटीय इलाकों में भ्रमण कर जायजा ले रही है।

Published on:
03 Sept 2020 11:46 am
Also Read
View All

अगली खबर