पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अहमद के गैंग ने विधायक कृष्णानंद की हत्या की तो उनके कुत्ते रॉकी की भी छह दिन बाद मौत हो गई थी।
साल 2022 में भाजपा के टिकट पर मोहम्दाबाद गाजीपुर से विधायक बने कृष्णानंद राय की अपने कुत्ते रॉकी से गहरी दोस्ती थी। यही कारण है कि जब 29 नवंबर 2005 को मुख्तार अंसारी गैंग ने विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की हत्या की तो उनके कुत्ते रॉकी को भी गहरा झटका लगा। जिससे महज छह दिन बाद ही कुत्ते की भी मौत हो गई।
हत्या वाले दिन घर पर ही छूट गया था रॉकी
कृष्णानंद राय के करीबी और बलिया के रामनाथ पांडेय ने बताया कि विधायक कृष्णानंद अक्सर रॉकी को अपने साथ ही लेकर क्षेत्र में जाते थे। वह उनकी गाड़ी में पीछे बैठता था। हालांकि घटना वाले दिन रॉकी घर पर ही छूट गया था। विधायक को कहीं बाहर जाने की जल्दी थी। इसी कारण वह रॉकी को साथ नहीं ले जा पाए।
बिना खाए चली गई जान
लोग बताते हैं कि रॉकी की मौत बिना खाना खाए हुई। वह हत्या के बाद विधायक के शव के पास घंटों बैठा रहा। गुमशुम होने के कारण धीरे-धीरे वह बीमार हो गया। छह दिन बाद उसकी भी मौत हो गई।