अलवर जिला पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ ऑपरेशन एंटी वायरस चलाया हुआ है। ऑपरेशन के तहत पुलिस अब तक करीब 500 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस लगातार ठगों पर प्रहार कर रही है, लेकिन फिर भी ये शातिर ठग पुलिस के काबू नहीं आ रहे। अलवर पुलिस पिछले 23 महीने में करीब एक लाख फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल ब्लॉक करा चुकी है। इससे साइबर अपराधों में थोड़ी बहुत कमी जरूर आई, लेकिन पूर्णतया अंकुश नहीं लग सका। पुलिस से कई कदम आगे चलते हुए शातिर ठग नए-नए तौर तरीकों से लोगों साइबर ठगी का शिकार बना रहे हैं।
राजस्थान और हरियाणा का मेवात क्षेत्र साइबर ठगी का नेशनल पोर्ट बन चुका है। यहां गांव-गांव और ढाणी-ढाणी में साइबर ठग बैठे हैं जो कि नकली सोने से ठगी, ओएलएक्स पर सस्ता सामान बेचने, बैंक, एटीएम, क्रेडिट कार्ड व पेटीएम अकाउंट केवाईसी अपडेट, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अरेस्ट जैसे अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं।
साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए बंगाल, बिहार, तमिलनाडू, झारखंड, छत्तीसगढ़ और केरल आदि राज्यों से खरीदकर लाई गई फर्जी मोबाइल सिम का इस्तेमाल कर रहे हैं। अलवर पुलिस ने एक जनवरी 2023 से नवम्बर 2024 तक यानी कि पिछले 23 महीने में साइबर ठगों की ओर इस्तेमाल किए जा रहे 99 हजार 715 फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल आईएमईआई नम्बर ब्लॉक कराए हैं। इनमें 52 हजार 824 मोबाइल सिम कार्ड और 46 हजार 891 मोबाइल आईएमईआई नम्बर शामिल हैं।
अलवर जिला पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ ऑपरेशन एंटी वायरस चलाया हुआ है। जिसके तहत साइबर ठगों के खिलाफ धड़ाधड़ कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन के तहत पुलिस अब तक करीब 500 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
अलवर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस ने सख्त शिकंजा कसा हुआ है। साइबर ठगों की तेजी से धरपकड़ की जा रही है। आगे भी सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी - संजीव नैन, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर