शहर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉ. अबरार अली साइबर ठगों के झांसे में आकर 1.38 लाख रुपए गंवा बैठे। डॉ. अबरार अली मूलत: कोटा के वक्फ नगर दादाबाड़ी के निवासी हैं।
अलवर. शहर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉ. अबरार अली साइबर ठगों के झांसे में आकर 1.38 लाख रुपए गंवा बैठे। डॉ. अबरार अली मूलत: कोटा के वक्फ नगर दादाबाड़ी के निवासी हैं। वर्तमान में वे अलवर शहर के रणजीत नगर में रहते हैं। साइबर ठगों ने उन्हें सऊदी अरब के एक हॉस्पिटल में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
एनईबी थाने में दर्ज कराए मामले में डॉ. अबरार अली ने बताया कि गत 9 मार्च को उनके मोबाइल पर अज्ञात नम्बर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं आपको सऊदी अरब के फैसल स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल रियाद में नौकरी दिलवा दूंगा। इसके लिए आपको 5500 रुपए यूपीआई के जरिए जमा करा होंगे। इसके बाद इंटरव्यू होगा। इस पर डॉ. अली ने यूपीआई से 5500 रुपए रुपए भेज दिए और इंटरव्यू की सारी औपचारिकताएं पूरी कर दीं। इसके बाद 13 मार्च से अलग-अलग बहाने कर पैसे मांगे गए। शातिर ठगों ने पांच बार में उनसे 1 लाख 38 हजार 400 रुपए यूपीआई के जरिए अपने खातों में डलवा लिए। इसके बाद उन्होंने जॉब ऑफर लेटर मांगा गया। ऑफर लेटर नहीं आया तो उन्हें फर्जीवाड़े का शक हो गया।
एफआईआर दर्ज नहीं की
उन्होंने 23 मार्च को साइबर पुलिस थाने को शिकायत दी, लेकिन एफआइआर दर्ज नहीं की। इसके बाद एसपी के हस्तक्षेप के बाद मामले में एफआइआर दर्ज हुई। चिकित्सक ने बताया कि शातिर ठग फर्राटेदार अंग्रेजी में बातें कर रहे थे।