शहर को ‘स्मार्ट’ बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए नगर निगम ने 60 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट सरकार को भेजे हैं। स्मार्ट पथ के रूप में चयनित कटीघाटी से लेकर जेल सर्किल तक की सड़क की सूरत बदल जाएगी।
अलवर. शहर को ‘स्मार्ट’ बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए नगर निगम ने 60 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट सरकार को भेजे हैं। स्मार्ट पथ के रूप में चयनित कटीघाटी से लेकर जेल सर्किल तक की सड़क की सूरत बदल जाएगी। बिजली-टेलीफोन लाइनें व नाले अंडरग्राउंड होंगे। अप्रेल तक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। जयपुर स्मार्ट सिटी परियोजना की ओर से कई प्रोजेक्ट तय किए गए हैं, जो अलवर नगर निगम को भेजे गए हैं, जिसमें स्मार्ट गतिशीलता को पहले चरण में रखा गया है, जिसमें जेल चौराहे से करी घाटी तक के स्मार्ट पथ की सभी आपूर्ति प्रणालियों (बिजली, टेलीफोन, इंटरनेट आदि) के लिए भूमिगत यूटिलिटी डक्ट, सोलर लाइट और स्मार्ट लाइट मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा। साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग, पार्किंग, बस मार्ग, स्टैंड, लैंडस्केपिंग आदि कार्य शामिल होंगे। सड़कों के बीच लाइट हाउस के रूप में डिवाइडर तैयार होंगे और उसमें हरियाली बढ़ाई जाएगी।
दूसरे चरण में विरासत संरक्षण एवं पर्यटन
इस प्रोजेक्ट का दूसरा चरण विरासत संरक्षण एवं पर्यटन रखा गया है। इसमें लाल डिग्गी का जीर्णोद्धार और पुनर्स्थापना विरासत स्वरूप, प्रकाश व्यवस्था, फव्वारे और जल संरचनाएं शामिल हैं। पैदल यात्रियों के अनुकूल सार्वजनिक स्थानों का संवर्धन होगा।
तीसरे चरण में वर्षा जल प्रबंधन
तीसरे चरण में वर्षा जल प्रबंधन को शामिल किया गया है, जिससे रेन वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए पानी सीधे जमीन में जाएगा और वाटर रिचार्ज होगा। चौराहे, सर्किल, सरकारी भवन व जलभराव वाले एरिया इसमें शामिल किए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट साइनेज व क्यूआर कोड आधारित सूचना केंद्र स्थापित होगा। कंपनी बाग में अपशिष्ट जल उपचार की योजना बनाई गई है। यह पानी फिर से सिंचाई के काम आ सकेगा।
स्मार्ट पथ पर मिलेगी वाई-फाई की सुविधा
स्ट्रीट वेंडर जोन का विकास होगा। निगम क्षेत्र में वेंडिंग जोन 52 है। ऐसे में वेंडर्स को उनकी सुविधा अनुसार उन्हें अलग-अलग वेंडिंग जोन में जगह देकर एरिया स्मार्ट बनाया जाएगा। स्मार्ट पथ पर वाई-फाई की सुविधा लोगों को मिलेगी। सीसीटीवी से निगरानी होगी। एकीकृत डैश बोर्ड लगाए जाएंगे। स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली शुरू होगी। साथ ही डिजिटल भुगतान प्रणाली से लैस इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन वाली पार्किंग बनाए जाने की योजना है। इसी तरह स्मार्ट साइनेज इंटीग्रेशन के साथ स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ने, स्मार्ट लाइब्रेरी बनाने की योजना है।