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‘इतनी गर्मी तो ट्रंप में भी नहीं…’, साउंड सिस्टम को लेकर ऑपरेटर से विवाद, कार्यक्रम अधूरा छोड़ चले गए कन्हैया मित्तल

Kanhaiya Mittal controversy : विजय मंदिर मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आयोजित कीर्तन कार्यक्रम अचानक चर्चा में आ गया है। इसमें भजन गायक कन्हैया मित्तल को बुलाया गया था। कन्हैया आए, कुछ देर भजन गाए, फिर साउंड सिस्टम ऑपरेटर से उनका विवाद हो गया।

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अलवर

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kamlesh sharma

Mar 21, 2026

Kanhaiya Mittal

भजन गायक कन्हैया मित्तल: फोटो वीडियो स्क्रीनशॉट

अलवर। विजय मंदिर मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार रात को आयोजित कीर्तन कार्यक्रम अचानक चर्चा में आ गया है। इसमें भजन गायक कन्हैया मित्तल को बुलाया गया था। कन्हैया आए, कुछ देर भजन गाए, फिर साउंड सिस्टम ऑपरेटर से उनका विवाद हो गया। बात बढ़ती देख आयोजक अमित सिंघल ने दोनों को समझाने की कोशिश की। बाद में ऑपरेटर ने माफी भी मांगी, लेकिन कन्हैया ने साउंड सिस्टम को बंद करा दिया और कार्यक्रम अधूरा छोड़ चले गए। कन्हैया के जाने के बाद आयोजकों ने यह बात कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय को बताई। वे रात को ही बरसाना के रास्ते से कथा स्थल पर लौटे और भक्तों को भजन सुनाए।

प्रोफेशनल काम में भाईबंदी के लिए कोई जगह नहीं

अलवर से जाते समय रास्ते में फेसबुक पर लाइव आकर कन्हैया मित्तल ने कहा- साउंड ऑपरेटर ने मेरी इंसल्ट की और मंच पर गलत इशारे किए। मैंने उससे संस्कार की बात कही थी। मैंने केवल 'भाईबंदी' और आयोजक सिंघल के एक फोन पर यहां आने का फैसला किया था, लेकिन अब मुझे समझ आ गया है कि प्रोफेशनल काम में भाईबंदी के लिए कोई जगह नहीं है। मैं कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय का सम्मान करत हूं।

वे बहुत अच्छे हैं, लेकिन उनकी टीम और साउंड व्यवस्था में ऐसे लोगों का होना चिंताजनक है। इंद्रेश उपाध्याय के साथ ऐसे बदतमीज साउंड ऑपरेटर होंगे, मैंने कभी सोचा नहीं था। कलाकारों के साथ अक्सर ऐसा बर्ताव किया जाता है और बाद में हमें ही विवादित बता दिया जाता है। अक्सर साउंड ऑपरेटर कलाकारों के साथ गलत व्यवहार करते हैं और उन पर झूठे आरोप लगाते हैं।

मेहनताना नहीं लेकर गए

भजन प्रस्तुति के लिए आयोजक अमित सिंघल व कन्हैया के बीच फोन पर बात हुई थी। बताते हैं कि कन्हैया ने कहा कि वे भाई व दोस्ती होने के नाते पैसे नहीं लेंगे और वह लेकर भी नहीं गए। आयोजकों का कहना है कि उनके संबंध कन्हैया से हैं। ऐसे में पैसे तय नहीं हुए थे। यदि वे प्रस्तुति देते तो पैसे जरूर दिए जाते। हालांकि मंच से ही कन्हैया ने अपने मैनेजर से कहा था कि वह किसी प्रकार के कोई पैसे न पकड़े।

आयोजक बोले- कन्हैया को कंट्रोवर्सी की आदत

साउंड सिस्टम बेहतर है। महाराज हर दिन कथा व भजन सुना रहे हैं। भजनों की प्रस्तुति से पहले कन्हैया मित्तल की टीम ने एक घंटे तक साउंड सिस्टम को चैक किया और ओके होने के बाद ही उन्होंने भजन सुनाने शुरू किए, लेकिन मित्तल ने साउंड ऑपरेटर को भला-बुरा कहा।

उसके मां-बाप तक पहुंच गए। इस बात पर ऑपरेटर ने नाराजगी जाहिर की। इतना होने के बाद भी ऑपरेटर ने माफी मांगी, लेकिन मित्तल नहीं माने। कन्हैया को हर 10 कीर्तन करने के बाद कंट्रोवर्सी करने की आदत है। अलवर भी इसका शिकार हो गया। कोलकाता से लेकर दिल्ली, जहां भी गए, उन्होंने ऐसा ही किया।

  • अमित सिंघल, कथा आयोजक

साउंड सिस्टम ऑपरेटर से कन्हैया ने यह कहा

मैं टेस्टर हूं आपके साउंड का। मैं टेस्टिंग के लिए आया हूं क्या ? इसको चला भाई। मुझको टेस्टर बना रखा है तुमने। जिम्मेदारी ली है, तो चलाओ। बहस करने से कुछ नहीं होता है। इतनी अकड़ तो अच्छी नहीं होती भाई भगवान के दरबार में। कौन है भाई ऑर्गेनाइजर यहां? साउंड वाले राजी नहीं हैं। कह रहे हैं कि हम साउंड चलाएंगे ही नहीं, तो हमें बुलाया किसलिए आपने। साउंड वाले मना कर रहे हैं। इनके बस का नहीं है। कोई दूसरा ऑपरेटर है क्या।

इतनी गर्मी तो भाई अमरीका का ट्रंप भी नहीं खा रहा है। भजन करने आए हैं। अब सिंगर यहां नहीं मांगेगा, तो क्या कीर्तन के बाहर मांगेगा। ये लोग तुम्हारा गुस्सा देखने आए हैं क्या? साउंड ही तो लगाया है, इतने बड़े आदमी थोड़ी न हो गए यार।

नहीं चल पा रही है तो मना करो। हम भी अपना बंद करें और घर जाएं। मुझे साउंड की जरूरत नहीं है। मैं तो वहां खड़ा होकर भी गा लूंगा, लेकिन आदमी तमीज से बात करे। मुझसे उम्र में छोटा है। कुछ मां-बाप ने भी सिखाए होंगे संस्कार। साउंड किसी का भी हो, चलाना तो आना चाहिए। एक आदमी कितने लोगों से हाथ जुड़वा रहा है, कमाल है।