11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Success Story: घर-घर जाकर ट्यूशन पढ़ाया, सिलाई की और अब इस बिजनेस ने बदली किस्मत, अलवर में सिर्फ ₹850 से किया था शुरू

Rajasthan: अलवर की लता विनय जैन ने संघर्षों के बीच हार मानने के बजाय मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। मात्र ₹850 से शुरू किए गए टिफिन सेंटर ने आज उन्हें सफल व्यवसायी बना दिया है।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Akshita Deora

May 11, 2026

Success Story

लता विनय जैन (फोटो: पत्रिका)

Business-Woman Motivational Story: कुछ कहानियां सिर्फ सफलता तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल बन जाती हैं। अलवर शहर के सूर्यनगर निवासी लता विनय जैन की कहानी भी ऐसी ही प्रेरणादायक यात्रा है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में हार मानने के बजाय अपने हौसले को ताकत बनाया और आज खुद का सफल पीजी व्यवसाय चला रही हैं।

घर-घर जाकर पढ़ाया ट्यूशन

लता ने अपने जीवन में कई संघर्ष देखे। जब उनका बेटा कार्तिक सिर्फ 3 साल का था, तब घर और बच्चे की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उन्होंने घर-घर जाकर ट्यूशन पढ़ाया। इसके साथ ही सिलाई का काम किया और नौकरी भी की।

लता बताती हैं कि उस समय हर दिन नई चुनौती लेकर आता था लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने आत्मविश्वास और मेहनत से आगे बढ़ने का रास्ता बनाया।

बेटे की बीमारी से मिला बिजनेस आईडिया

जब बेटा 11वीं कक्षा में पहुंचा, तब वह आईआईटी की तैयारी के लिए कोसी से अलवर आया और पीजी में रहने लगा। बाहर का खाना खाने से उसकी तबीयत खराब रहने लगी। बेटे की देखभाल के लिए लता भी अलवर आ गईं ।

यहीं से उनके मन में नया विचार आया । उन्होंने महसूस किया कि घर से दूर रहने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत मां के हाथ के खाने और परिवार जैसे माहौल की होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने टिफिन सेंटर शुरू करने का फैसला लिया ।

सिर्फ ₹850 से की थी शुरुआत

लता ने मात्र ₹850 से अपने टिफिन सेंटर की शुरुआत की । शुरुआत में कई आर्थिक परेशानियां और चुनौतियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे बच्चों का भरोसा बढ़ता गया और उनका काम आगे बढ़ने लगा ।

आज लता अलवर में सफलतापूर्वक पीजी चला रही हैं। उनका बेटा बीटेक कर चुका है और परिवार ने अपना घर भी बना लिया है । लता कहती हैं कि पति विनय जैन और बेटे के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी । उनकी कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है ।