
फाइल फोटो- पत्रिका
कोटा। जिन लोगों की सालाना आय 10 लाख या उससे अधिक है, उन्हें एलपीजी गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। यानी उन्हें महंगी दर पर घरेलू गैस सिलेंडर लेना पड़ेगा। ऑयल कम्पनियों ने इस संबंध में देशभर में 10 लाख या इससे अधिक आय वाले उपभोक्ताओं का डाटा तैयार किया है। अब उन्हें इस संबंध में मैसेज भेजे जा रहे हैं। साथ ही मृतकों और फर्जी खाता धारकों की पहचान की जा रही है, जिनका कनेक्शन स्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी सब्सिडी में पारदर्शिता लाने और दुरुपयोग रोकने के लिए अभियान शुरू किया है। इसके तहत उच्च आय वर्ग और मृत उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शनों की जांच शुरू की गई है, ताकि सब्सिडी का लाभ केवल पात्रों को मिले।
कोटा जिले में करीब ढाई लाख एलपीजी गैस कनेक्शन हैं, ऐसे में 40 हजार से अधिक उपभोक्ता इस दायरे में आ जाएंगे। इस दायरे में उद्यमी, व्यवसायी के साथ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी आएंगे। हालांकि, पिछले कई सालों से उज्ज्वला और बीपीएल कार्ड धारकों के अलावा एलपीजी की सब्सिडी नहीं आ रही है।
सरकार के नियमानुसार, जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक सकल कर योग्य आय 10 लाख रुपए से अधिक है, वे एचआइजी श्रेणी में आते हैं और सब्सिडी के पात्र नहीं होते। तेल विपणन कंपनियां आयकर विभाग (सीबीडीटी) के डेटाबेस से उपभोक्ता विवरण का सत्यापन कर रही हैं। सत्यापन के आधार पर 9 मई को संबंधित उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजे गए हैं।
आपत्ति होने पर 7 दिनों के भीतर टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 या कंपनी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, अन्यथा सब्सिडी बंद हो जाएगी। कोटा हाड़ौती एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष चन्द्रेश शर्मा ने बताया कि ऑयल कम्पनियों की ओर से ऑनलाइन ही इस संबंध में उपभोक्ताओं को मैसेज भेजे जा रहे हैं।
कंपनियां आधार के डेटाबेस से मृत उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शनों की पहचान कर रही हैं, ताकि रिकॉर्ड शुद्धता बनी रहे और दुरुपयोग रुके। ऐसे मामलों में भी एसएमएस भेजे गए हैं। यदि 30 दिनों के भीतर कनेक्शन परिवार के पात्र सदस्य के नाम स्थानांतरित नहीं होता है, तो कनेक्शन स्थायी रूप से समाप्त किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए वितरक या कंपनी पोर्टल/एप पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
'कम्पनियों की ओर से लिंक भेजकर ही उपभोक्ताओं से ऑनलाइन ही यह मांग रहे हैं। मृतक कनेक्शन धारकों के परिजनों का ऑप्शन दिया है कि वह या तो कनेक्शन उनके परिजनों के नाम करवा लें, अन्यथा बंद कर दिया जाएगा।' -अरविंद कुमार गुप्ता अध्यक्ष कोटा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूर्स एसोसिएशन
Updated on:
11 May 2026 07:05 am
Published on:
11 May 2026 06:00 am
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