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Rajasthan School : राजस्थान के शिक्षा विभाग का बड़ा बदलाव, सीबीएसई की तर्ज पर 11वीं के विद्यार्थियों के लिए नया नियम

Rajasthan School : राजस्थान के शिक्षा विभाग ने 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जानें यह नया बदलाव क्या है?

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Rajasthan education department big change CBSE lines 11th class students New rules

फोटो - AI

Rajasthan School : राजस्थान का शिक्षा विभाग अपने बोर्ड के विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने और रोजगारपरक बनाने के लिए नित्य नए प्रयोग कर रहा है। इसी के तहत राजस्थान का शिक्षा विभाग ने 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस नए प्रावधान के तहत, अब विद्यार्थी तीन ऐच्छिक विषयों के अलावा एक चौथा ऐच्छिक विषय भी चुन सकेंगे। यह व्यवस्था केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तर्ज पर लागू की गई है, जहां यह विकल्प पहले से ही मौजूद हैं।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार विषयों का चयन करने का अवसर प्रदान करना है। इससे विद्यार्थी केवल अपनी पसंद के विषयों को गहनता से पढ़ पाएंगे, बल्कि भविष्य में उनके लिए उच्च शिक्षा और करियर के अधिक द्वार भी खुलेंगे।

यह रहेगी प्रक्रिया

चौथा ऐच्छिक विषय चुनने के लिए कुछ विशेष मानदंड निर्धारित किए गए है। जिन विद्यालयों में एक से अधिक संकाय संचालित है, वहां विद्यार्थी अर्थशास्त्र, गणित, जीवविज्ञान या हिंदी जैसे अन्य उपलब्ध ऐच्छिक विषयों में से चौथा विषय चुन सकते है, बशर्ते विद्यालय में संबंधित विषय के प्राध्यापक का पद स्वीकृत हो।

केवल विज्ञान संकाय वाले विद्यालयों में, विद्यार्थी कंप्यूटर विज्ञान को चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकते है, विद्यालय में यह विषय स्वीकृत न हो, कंप्यूटर अनुदेशक या वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक का पद स्वीकृत होना आवश्यक है। ऐसे विद्यालयों में विद्यार्थी अधिकतम दो चतुर्थ ऐच्छिक विषय चुन सकेंगे और यह निर्णय संस्था प्रधान का होगा।

एकल संकाय वाले विद्यालयों के विद्यार्थी शारीरिक शिक्षा को चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकते हैं, यदि विद्यालय में शारीरिक शिक्षक ग्रेड 2 या ग्रेड का पद स्वीकृत हो। कला और वाणिज्य संकाय वाले विद्यालयों में विद्यार्थी अधिकतम एक चतुर्थ ऐच्छिक विषय चुन पाएंगे, जिसका निर्णय संस्था प्रधान द्वारा किया जाएगा।

अगर पुरानी व्यवस्था पसंद तो रखे जारी

विद्यार्थियों को पुरानी व्यवस्था पसंद है, वे उसे जारी रख सकते हैं। पुरानी व्यवस्था में दो अनिवार्य और तीन ऐच्छिक विषय का नियम है। चौथा ऐच्छिक विषय चुनने की सुविधा केवल उन विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक है जो इसका लाभ उठाना चाहते हैं। तो राजस्थान के शिक्षा विभाग के इस नए बदलाव से घबराने की जरूरत नही है।