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Rajasthan Government Scheme : बैल प्रोत्साहन योजना से डूंगरपुर के किसान निराश, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

Rajasthan Government Scheme : राजस्थान सरकार की ओर से बजट 2025 में किसानों की आय बढ़ाने और खेती में सहयोग के लिए शुरू की गई 'बैल प्रोत्साहन योजना' जिले के किसानों के लिए निराशा का कारण बनती जा रही है।

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Dungarpur farmer disappointed Rajasthan Government Bull Incentiv Scheme Read ground report

सरोदा. बैलगाड़ी ले जाता किसान बापूलाल पाटीदार। फोटो पत्रिका

Rajasthan Government Scheme : राजस्थान सरकार की ओर से वर्ष 2025 के बजट में किसानों की आय बढ़ाने और खेती में सहयोग के लिए शुरू की गई 'बैल प्रोत्साहन योजना' अब जिले के किसानों के लिए निराशा का कारण बनती जा रही है। योजना के तहत आवेदन के दौरान सहायता राशि को लेकर किसान उत्साहित थे, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद प्रोत्साहन गिनती के किसानों को ही मिलने से निराशा की स्थिति बन गई है।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने किसानों को बैल खरीदने और उनके रख-रखाव के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की थी। योजना में प्रति बैल पालक किसान को प्रति वर्ष 30 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देय है। योजना का लाभ लेने के लिए जिलेभर के किसानों ने पूरी उम्मीद के साथ अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। किसानों को लगा कि सरकार की इस पहल से उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा।

यह है जिले के हालात

डूंगरपुर जिले में वर्ष 2025-26 बैलों से खेती योजना में 1447 लक्ष्य तय हैं। योजना में कुल आवेदन 13419 प्राप्त हुए। योजना में पहले ऑफलाइन व बाद में ऑनलाइन आवेदन कराए गए। आवेदन के दौरान 100-100 रुपए का स्टांप, पशु चिकित्सकों से बैलों के स्वास्थ प्रमाण के पत्र, कृषि भूमि की नकल व जमाबंदी सहित अन्य प्रक्रियाओं पर दो से तीन माह चक्कर काटने के साथ ही राशि भी खर्च हुई। योजना में विभाग ने पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दस्तावेजों की जांच के बाद बिल ट्रेजरी फॉरवर्ड किए गए, जिसमें से 247 के खाते में अनुदान राशि जमा हो चुकी है। शेष को इंतजार है। इधर, सीमित लक्ष्य के मुकाबले में बढ़ी संख्या में आवेदनों से यह भी तय है कि सैंकड़ों किसान लाभ से वंचित भी रहेंगे।

किसानों को छलका दर्द

योजना के लिए आवेदन करने वाले किसान मणिलाल पाटीदार व बापूलाल पाटीदार का कहना है कि हमने सरकारी पोर्टल पर समय रहते रजिस्ट्रेशन करवाया और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन विभाग की ओर से लक्ष्य कम होने का बहाना बनाकर हमें टाला जा रहा है। किसानों का आरोप है कि यदि सरकार के पास फंड या लक्ष्य कम था, तो रजिस्ट्रेशन क्यों करवाए गए?

सभी आवेदनकर्ता को लाभान्वित करें

सरकार थोड़ी बहुत भी किसान हितैषी हैं तो डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ सहित दक्षिणी राजस्थान के समस्त आदिवासी बाहुल्य जिलों से जितने किसानों ने बैल प्रोत्साहन योजना में आवेदन किया हैं, उन सभी को लाभान्वित करें।
राजकुमार रोत, सांसद बांसवाड़ा-डूंगरपुर

किसानों के खातों में हो जाएगा भुगतान

विभाग को जो लक्ष्य प्राप्त हुए थे। उसके अनुसार जिन किसानों ने आवेदन किया था, उनको योजना में प्रोत्साहन राशि देने के लिए बिल सहित अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं। किसानों के खातों में भुगतान हो जाएगा।
दलीप सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग