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Dungarpur : डीमिया बांध पर जल पूजन, डी-सिल्टिंग से बढ़ेगी जल क्षमता

Dungarpur : डूंगरपुर जिला कलक्टर देशलदान ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

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Dungarpur Dimia Dam Jal Poojan de-silting will increase water capacity

डूंगरपुर. डीमिया बांध में डी-सि​ल्टिंग के पहले पूजन करते कलक्टर और अ​धिकारी। फोटो पत्रिका

Dungarpur : डूंगरपुर में वंदे गंगा जल संरक्षण–जन अभियान 2026 के अंतर्गत गुरुवार को विजयचक्र सागर (डीमिया बांध) पर जल संरक्षण एवं जल पूजन कार्यक्रम हुआ। जिला कलक्टर देशलदान की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सहभागिता की। पंचायत समिति दोवड़ा की लोलकपुर ग्राम पंचायत स्थित डीमिया बांध पर कलक्टर ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने जल संरक्षण, स्वच्छता और जल स्रोतों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं - कलक्टर देशलदान

डूंगरपुर कलक्टर देशलदान ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत प्रशासक ने एनिकट और सड़क निर्माण संबंधी मांगें रखीं, जिस पर कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सर्वे कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए। पेयजल के लिए खराब हैंडपंप की समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए।

डीमिया बांध के निर्माण और उपयोगिता की जानकारी दी

पीएचईडी गोपीचंद वर्मा ने डीमिया बांध के निर्माण और उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत बांध की जलभराव क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मिट्टी हटाने (डी-सिल्टिंग) का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, जिससे पेयजल उपलब्धता और भूमिगत जलस्तर में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, तहसीलदार डूंगरपुर सहित अन्य अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत, लोग परेशान

वहीं दूसरी तरफ पूंजपुर में भीषण गर्मी में इन दिनों लोगों का हाल बेहाल है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी और बड़ा दी है। कहने को तो गांव में जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत नल कनेक्शन तो दिए है, किंतु इनमें पानी आए महीने हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को हैडपंप व कुएं की शरण लेना मजबूरी बना है। कुछ ऐसा ही मामला लापिया, जसपुर के गांवों में देखने को मिल रहा है।

लापिया गांव में जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत घर - घर नल कनेक्शन दिए गए है। गांव में पानी की सप्लाई एक माह में एक बार ही हो पा रही है। जिससे लोगों की पीने व रोज़मर्रा के पानी की व्यवस्था को लेकर जान जोखिम में डालकर कुएं व हैंडपंप ही सहारा बने हुए। इसी प्रकार से जसपुर गांव में भी विगत एक माह से जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को दूरदराज स्थित हैडपम्प की शरण लेनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों सहित जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर अवगत करवाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जिससे परेशानी बढ़ रही हैं। लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की हैं।