इन दिनों पूरा राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में है। आसमान से बरसती आग और दिनभर चलने वाले गर्म हवा के थपेड़ों (लू) ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है।
इन दिनों पूरा राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में है। आसमान से बरसती आग और दिनभर चलने वाले गर्म हवा के थपेड़ों (लू) ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। अलवर शहर में सोमवार, 27 अप्रैल को सुबह से ही चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। गर्मी के इस विकराल रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया था वह आज से लागु हो गया है।
भीषण गर्मी और तापमान में हो रही निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए जिला कलेक्टर ने सरकारी और निजी विद्यालयों के संचालन समय में संशोधन के आदेश जारी पहले ही जारी कर दिए थे। नए आदेशों के तहत आज से कक्षा 1 से 8वीं तक के छोटे बच्चों के लिए स्कूल का समय अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। प्रशासन ने छोटे बच्चों की सेहत के मद्देनजर स्कूल के समय में एक घंटे की कटौती की है, ताकि उन्हें दोपहर की तपन का सामना न करना पड़े। हालांकि, कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए समय में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और उनका समय यथावत रहेगा।
आज सोमवार को हल्के बादल छाए हुए हैं, जिससे लग रहा था कि शायद चिलचिलाती धूप से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बादलों की मौजूदगी के बावजूद गर्मी का अहसास कम नहीं हो रहा है, बल्कि उमस ने लोगों को और अधिक बेहाल कर दिया है। गर्म हवाओं के थपेड़े जारी रहने से अधिकतम तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अलवर वासियों को अभी गर्मी से कोई विशेष राहत मिलने की उम्मीद कम है। विभाग ने 29 अप्रैल तक आसमान में कहीं हल्के तो कहीं घने बादल छाए रहने की संभावना जताई है। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन इससे तापमान में कोई बड़ी गिरावट होने के आसार नहीं हैं। लू का असर जारी रहने की आशंका है।
ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आमजन, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त पानी, नींबू पानी और ओआरएस के घोल का सेवन करें। प्रशासन ने भी स्कूलों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है।