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ईरान और इजरायल के बीच हुए युद्ध का असर अब बाजार पर पड़ने लगा है। तांबा, स्टील, एलुमीनियम, पीतल के दाम दोगुना तक बढ़ने की वजह से ग्राहकी कम हो गई है। पीतल और तांबा के पुराने स्टॉक से ही दुकानदार काम चला रहे है, लेकिन दाम अधिक होने की वजह से ग्राहक खरीदने से कतरा रहे हैं। धातु, निर्माण, वस्त्र, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अधिकांश क्षेत्रों में 15 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि से सीधे उपभोक्ताओं पर असर पड़ा है।
युद्ध का सर्वाधिक असर प्लास्टिक उद्योग पर पड़ा है। प्लास्टिक के सामानों में 25 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। प्लास्टिक की पानी की बोतल, मग, बाल्टी, पानी की टंकी, पॉलीथिन, पैकिंग मैटेरियल, पीसी पाइप, बिजली की फिटिंग के सामान आदि महंगे हो गए हैं। प्लास्टिक दाने की आवक कम होने से यह बढ़ोतरी हुई है। पीवीसी पाइप में 30 से 40 रुपए प्रति पाइप तक की बढ़ोतरी हुई है।
गद्दों की कीमतों पर युद्ध का असर पड़ा है। व्यापारी महेंद्र गोयल ने बताया कि गद्दे व फोम की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इनके निर्माण में पेट्रो केमिकल का प्रयोग होता है, इस वजह से दाम बढ़े हैं। इसी तरह पॉलिएस्टर के धागों की कीमतें बढ़ने से रेडीमेड कपड़ों पर भी 10 से 15 प्रतिशत की तेजी आई है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी के दामों में भी 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
कॉपर के दामों में भी जबरदस्त उछाल आया है। कॉपर के वायर के एक बंडल पर 500 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। बर्तन कारोबारी सीपी खुराना ने बताया कि स्टील, तांबा, पीतल और एल्युमीनियम के दामों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। पीतल की परात 700 रुपए से बढ़कर 1000 रुपए तक पहुंच गई है। इसी तरह स्टील के बर्तनों के दामों में 30 रुपए किलो तक उछाल आया है। एलुमीनियम के बर्तन तो 240 रुपए किलो से सीधे 440 रुपए तक पहुंच गए हैं।
खाद्य सामग्री में चावल और मेवा पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। मेवों में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। खासकर खजूर तो 20 प्रतिशत तक महंगा हुआ है। वहीं चावल के दाम भी बढ़े हैं। यह बढ़ोतरी हर क्वालिटी पर अलग-अलग है।
Updated on:
27 Apr 2026 10:35 am
Published on:
27 Apr 2026 10:32 am
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