
सोलर कनेक्शन पर फ्री बिजली का विवाद गहराया। फोटो: पत्रिका
Solar Scheme Row: सवाईमाधोपुर/चौथकाबरवाड़ा। सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए रजिस्ट्रेशन कैंप अब विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें 150 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ देने का वादा कर सोलर पैनल लगवाए गए, लेकिन अब न तो 150 यूनिट मिल रही है और न ही पहले मिलने वाली 100 यूनिट निशुल्क बिजली का लाभ दिया जा रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकारियों और एजेंसियों ने सोलर के फायदे गिनाकर बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन करवाए। इसी भरोसे में लोगों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने में हजारों रुपए खर्च किए। किसी ने करीब पौने दो लाख तो किसी ने सवा दो लाख रुपए तक निवेश किया। लेकिन अब बिजली के बिल आने पर स्थिति उलट गई है और उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पूर्व में मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना के तहत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक फ्री बिजली मिलती थी। सोलर कनेक्शन के बाद इसे 150 यूनिट करने का दावा किया गया था। अब यह लाभ पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। कई उपभोक्ताओं ने उपभोक्ता अदालत जाने की चेतावनी दी है।
केंद्र सरकार सोलर कनेक्शन पर प्रति किलोवाट लगभग 34 हजार रुपए की सब्सिडी देती है, जबकि 3 किलोवाट तक यह राशि करीब 78 हजार रुपए तक पहुंचती हैं। 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगभग पौने दो लाख रुपए में लगाया जा रहा है। अधिक क्षमता बढ़ाने पर भी सब्सिडी की सीमा तय रहती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें योजना की पूरी जानकारी नहीं दी गई और अधूरी बातों के आधार पर सोलर लगवाने के लिए प्रेरित किया गया। अब लाभ न मिलने से वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस पूरे मामले ने सोलर योजनाओं की पारदर्शिता और उपभोक्ता जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
जिन घरों में सोलर कनेक्शन हुआ है, उन्हें अलग से 100 यूनिट फ्री बिजली नहीं मिलेगी। निगम का तर्क है कि एक किलोवाट का सोलर सिस्टम प्रति माह लगभग 150 यूनिट बिजली पैदा करता है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलता है।
-मनीष कुमार, सहायक अभियंता, जयपुर विद्युत वितरण निगम चौथकाबरवाड़ा।
Published on:
24 Apr 2026 02:53 pm
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