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Jaipur Land Pooling Scheme: जयपुर। जयपुर शहर के विस्तार को अब बेतरतीब फैलाव से निकालकर योजनाबद्ध दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। जेडीए ने एक साथ छह लैंड पूलिंग योजनाओं का खाका तैयार किया है। इनमें से शिवदासपुरा योजना को राजस्थान सरकार के पास अनुमति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही जेडीए जमीन पर काम शुरू करेगा।
इस मॉडल से न केवल चौड़ी सड़कों और आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा, बल्कि काश्तकारों को भी उनकी जमीन का बड़ा हिस्सा विकसित रूप में वापस मिलेगा। जेडीए अधिकारियों के अनुसार इन योजनाओं में जेडीए की भी पर्याप्त जमीन है। उस पर सड़कें, पार्क और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर काश्तकारों से मुआवजा देकर जमीन भी ली जाएगी।
जेडीए इन योजनाओं को उन इलाकों में लागू कर रहा है, जहां आबादी तेजी से बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों और अनियोजित विकास आम समस्या जैसे संकरी सड़कें, पानी और सीवरेज की कमी है। लैंड पूलिंग स्कीम से न केवल व्यवस्थित विकास होगा, बल्कि जमीन अधिग्रहण की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गुजरात की राजधानी गांधी नगर से लेकर अहमदाबाद सहित अन्य शहरों में इसी मॉडल से विकास हो रहा है।
-महल रोड पर दो
-कालवाड़ रोड
-डिग्गी रोड
-अजमेर रोड
-टोंक रोड
-जमीन मालिक (काश्तकार) अपनी जमीन का एक हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए देंगे।
-शेष भूमि उन्हें विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगी।
-इससे जमीन की कीमत बढ़ेगी और मालिकों को आर्थिक लाभ होगा।
-इस प्रक्रिया में विस्थापन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
-12 से 60 मीटर चौड़ी सड़कें विकसित होंगी
-कच्ची जमीन को मिलेगा प्लांड लेआउट
-पानी, सीवर, बिजली जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी
-अवैध कॉलोनियों पर लगेगा ब्रेक
-आउटर एरिया में बनेगा नया शहरी ढांचा
-जमीन का बड़ा हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस
-जमीन की कीमत में कई गुना बढ़ोतरी
-बिक्री या किराए से आय के अवसर
-विस्थापन नहीं, उसी क्षेत्र में पुनर्वास
-शहर के विकास में सीधी भागीदारी
-एक साथ 6 लैंड पूलिंग योजनाएं प्रस्तावित
-सरकार की मंजूरी के बाद होगा क्रियान्वयन
-45-55 फीसदी जमीन इंफ्रास्ट्रक्चर में उपयोग
-आउटर जयपुर बनेगा प्लांड ग्रोथ जोन
-अव्यवस्थित प्लॉटिंग की समस्या पर नियंत्रण
Published on:
24 Apr 2026 07:25 am
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