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कल्पना कीजिए कि तपती गर्मी में आपके घर का एयर कंडीशनर (AC) और पंखे दिन-रात चलें, लेकिन महीने के आखिर में बिजली का बिल 'शून्य' आए। राजस्थान में यह अब कल्पना नहीं, बल्कि 1 लाख 43 हजार 965 परिवारों की हकीकत बन चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश 'ऊर्जा आत्मनिर्भरता' की ऐसी छलांग लगा रहा है कि राजस्थान अब रूफ टॉप सौर ऊर्जा के मामले में पूरे देश में तीसरे पायदान पर आ खड़ा हुआ है।
राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति दीवानगी का आलम यह है कि प्रतिदिन औसतन 675 से 700 नए उपभोक्ता सोलर पैनल लगवा रहे हैं। मार्च महीने में ही 20 हजार से ज्यादा संयंत्र स्थापित किए गए, जो एक नया रिकॉर्ड है। मार्च की 23 तारीख को तो एक ही दिन में 910 सोलर प्लांट लगाकर प्रदेश ने इतिहास रच दिया।
राजस्थान के उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगवाना अब जेब पर भारी नहीं पड़ रहा है। सरकार दोहरी सब्सिडी का लाभ दे रही है:
पीएम सूर्यघर योजना: इसमें उपभोक्ताओं को अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में मिल रही है। अब तक 1185 करोड़ रुपये की सब्सिडी बांटी जा चुकी है।
150 यूनिट फ्री बिजली योजना: इसके तहत सौर ऊर्जा अपनाने वालों को जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम द्वारा 17 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है।
कुल लाभ: एक सामान्य उपभोक्ता को करीब 95 हजार रुपये तक की भारी बचत केवल सब्सिडी के रूप में हो रही है।
अगर आपके पास सोलर लगवाने के लिए एकमुश्त पैसा नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और राजस्थान ग्रामीण बैंक जैसे संस्थान मात्र 5.75 प्रतिशत की बेहद आसान ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करा रहे हैं। अब तक करीब 1 लाख उपभोक्ताओं ने इस ऋण सुविधा का लाभ उठाकर अपनी छतों पर सोलर प्लांट लगाए हैं।
कुल रूफ टॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में राजस्थान अब देश का दिग्गज बन गया है:
प्रथम: गुजरात (6,882 मेगावाट)
द्वितीय: महाराष्ट्र (5,442 मेगावाट)
तृतीय: राजस्थान (2,090 मेगावाट)
प्रदेश में 32 हजार से अधिक ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने 10 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के बड़े प्लांट लगाए हैं, जो औद्योगिक और अघरेलू श्रेणी में आते हैं।
Published on:
21 Apr 2026 05:33 pm
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