
Deepak Kharwal Suicide : जयपुर एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बैठे नर्सिंगकर्मी व परिजन, दीपक खारवाल (इनसेट), आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल (इनसेट)। फोटो पत्रिका
Deepak Kharwal Suicide : जयपुर में सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्त नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं समाप्त करने के विरोध के बीच शुक्रवार को एक संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल (25 वर्ष) ने आत्महत्या कर ली। दीपक खारवाल दौसा जिले के लवाण का निवासी था। जिसके बाद बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। नर्सिंग संगठनों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है।
इस घटना की सूचना के बाद आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल, कांग्रेस विधायक अमीन कागजी, रफीक खान और पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास मौके पर पहुंचे। बाद में जिला कलक्टर संदेश नायक, पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नर्सिंग कर्मियों से वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। शव को मोर्चरी शिफ्ट करने के बाद भी देर रात तक हंगामा और धरना जारी रहा।
देर रात राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की मौजूदगी में सरकार के प्रतिनिधियों के साथ एसएमएस अस्पताल में वार्ता हुई। यह वार्ता सकारात्मक रही। दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक की पत्नी को मेडिकल कॉलेज में संविदा पर नौकरी देने पर हामी भरी गई है। हनुमान बेनीवाल ने कहा कि दूसरी मुआवजे की मांग थी। मुआवजे राशि अभी तय नहीं हो सकी है। जितना मुआवजा तय है उसके इर्दगिर्द बात तय हो जाएगी। सांसद हनुमान बेनीवाल ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की तरफ से दिवंगत की पत्नी व परिजनों को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की है।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक के परिजनों के साथ एक-एक बिंदु पर अधिकारियों के साथ बात की गई है। जिसमें चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बीएल गोयल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर दीपक माहेश्वरी सहित कई पुलिस के अधिकारी भी है शामिल थे।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहाकि दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक की मृत्यु से पूरे राजस्थान में हर व्यक्ति की आखें नम हैं। इस तरह की घटनाएं राजस्थान में नहीं होनी चाहिए। निश्चित रूप से कहीं न कहीं सिस्टम लैप्स हुआ है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहाकि बात हो गई है सरकार नार्सिंग संविदाकर्मियों को खाली पोस्ट के अनुसार नौकरियां देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मौत को सीधे तौर पर भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार संविदा कर्मियों की पीड़ा समझती तो दीपक की जान बच सकती थी। वहीं पूर्व मंत्री खाचरियावास ने इसे सरकार की नीतियों से हुई हत्या करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि परिवारों को सड़क पर लाने का नतीजा सरकार को भुगतना होगा। खाचरियावास ने मामले की निष्पक्ष जांच, मृतक के परिवार को 50 लाख मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी और सभी संविदा कर्मियों की सेवा सुरक्षा की मांग की।
जयपुर के महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल ने नौकरी समाप्त होने से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। संविदा पर नियुक्त नर्सिंग कर्मचारियों को हटाने के राज्य सरकार के फैसले से पहले ही व्यापक रोष व्याप्त था और अब इस दुःखद घटना के कारण पूरे राज्य के संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मियों में आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।
इस घटना ने प्रदेश सरकार का असंवेदनशील रवैया पुनः उजागर किया है। सरकार शोकाकुल परिजनों की मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुने। साथ ही, संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मियों की मांगों और समस्याओं पर पुनर्विचार करना चाहिए।
310 संविदा कर्मी को बाहर किया गया, जिसमें दीपक भी शामिल था। वह सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय के आइसीयू में कार्यरत था। दीपक के साढ़े तीन साल का बेटा और दो महीने की गर्भवती पत्नी है। पिता पहले ही गुजर चुके थे। पूरे घर का बोझ अकेले दीपक के कंधों पर था।
Published on:
13 Jun 2026 08:23 am
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