प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्लास्टर गिरने की आवाज काफी तेज थी, जिससे वार्ड में मौजूद मरीज और उनके परिजन घबरा गए। कुछ देर के लिए अस्पताल में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय वार्ड में अधिक मरीज भर्ती नहीं थे। यदि वार्ड पूरी तरह भरा होता तो हादसा कहीं अधिक गंभीर रूप ले सकता था।