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सवाई माधोपुर जिले में सरकारी अस्पताल की छत गिरी, गर्भवती महिला और दो बच्चियां गंभीर घायल

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया, जहां एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला और दो बच्चियों के ऊपर छत का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। हादसे में तीनों लोग गंभीर घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
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सवाई माधोपुर

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Kamal Mishra

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Updated: 10 Jun 2026, 5:10 PM IST

sawai madhopur

Sawai Madhopur : कमरे में बिखरा छत का मलबा (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

सवाई माधोपुर। जिले के मलारना डूंगर क्षेत्र की शेषा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के वार्ड की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिरने से वहां भर्ती एक गर्भवती महिला सहित दो मासूम बच्चियां घायल हो गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार पीएचसी के वार्ड में गर्भवती महिला सबीना बानों भर्ती थीं। उनके साथ सात वर्षीय अलीजा और पांच वर्षीय अनम भी मौजूद थीं। इसी दौरान अचानक वार्ड की छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे बेड के ऊपर आ गिरा। हादसे में तीनों घायल हो गईं। अस्पताल कर्मियों ने तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और बाद में बेहतर इलाज के लिए 108 एंबुलेंस की सहायता से उन्हें सवाई माधोपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

अस्पताल में अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्लास्टर गिरने की आवाज काफी तेज थी, जिससे वार्ड में मौजूद मरीज और उनके परिजन घबरा गए। कुछ देर के लिए अस्पताल में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय वार्ड में अधिक मरीज भर्ती नहीं थे। यदि वार्ड पूरी तरह भरा होता तो हादसा कहीं अधिक गंभीर रूप ले सकता था।

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हाल में हुआ था अस्पातल का सर्वे

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल भवन की जर्जर हालत को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी भवन लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में है। करीब छह महीने पहले भवन का सर्वे भी कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थायी सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल

ग्रामीणों ने बताया कि लगभग तीन माह पहले करीब दो लाख रुपए की लागत से छत की मरम्मत करवाई गई थी। इसके बावजूद प्लास्टर का गिरना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मामले की तकनीकी जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उच्चाधिकारियों को दी गई सूचना

उधर, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) डॉ. प्रमोद कर्णावत ने बताया कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। भवन की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद अस्पताल भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।