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Shahari Seva Shivir: सिर्फ 2 कागज और मिल जाएगा पट्टा, जानें 69ए का नया नियम

Shahari Seva Shivir : अगर आप भी अपने घर का सरकारी पट्टा बनवाने के चक्कर काट रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि धारा 69ए के तहत पट्टा पाने के लिए अब ढेरों कागजों की जरूरत नहीं है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 14 Jun 2026, 12:06 PM IST

shahari seva shivir

नगर निगम में लगा ​शिविर (फोटो - पत्रिका)

Shahari Seva Shivir : शहर में अपना आशियाना बनाने वाले लोगों के लिए पट्टा हासिल करना अब बेहद आसान होने जा रहा है। नगर निगम ने नियमों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। निगम आयुक्त ने बताया कि धारा 69ए के तहत पूरे शहर के आबादी क्षेत्र के पट्टे जारी किए जा सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ दो मुख्य बातों का ध्यान रखना होगा और दो ही दस्तावेज काफी होंगे।

सबसे पहली और जरूरी शर्त यह है कि आपकी जमीन 'गैर-विवादित' होनी चाहिए। इसका मतलब यह है कि जब से वह जमीन अलॉट हुई है या आपके पास आई है, तब से लेकर आज तक उस पर किसी भी तरह का कोई कानूनी या आपसी विवाद नहीं होना चाहिए। दूसरी शर्त यह है कि वह पूरा इलाका सरकारी रिकॉर्ड में 'आबादी क्षेत्र' के रूप में दर्ज होना चाहिए। अगर आपके पास इन दोनों बातों के पुख्ता प्रमाण हैं, तो आपका पट्टा बिना किसी रुकावट के जारी कर दिया जाएगा।

कच्ची बस्तियों के नाम पर नहीं अटकेंगे काम

अक्सर देखने में आता है कि लोग सालों-साल पट्टे के लिए परेशान होते हैं और अधिकारी यह कहकर पट्टा रोक देते हैं कि बस्ती का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस समय नगर निगम परिसर में 'शहरी सेवा शिविर' चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग इसी तरह की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। शिविर में आने वाले करीब 60 फीसदी लोग कच्ची बस्तियों से जुड़े हैं, जिनका कहना है कि उनके पट्टे पिछले दो साल से अटके हुए हैं।

इस समस्या पर बात करते हुए अलवर नगर निगम आयुक्त ने साफ किया कि अब शहर में कोई भी कच्ची बस्ती अघोषित नहीं बची है। लगभग सभी बस्तियों का नोटिफिकेशन (अधिसूचना) जारी हो चुका है। इसलिए अगर आपका इलाका नोटिफाइड है, तो पुराना रिकॉर्ड न होने की वजह से आपका पट्टा नहीं रोका जाएगा। आबादी एरिया का मानक ही पट्टा देने के लिए सबसे बड़ा आधार माना जाएगा।


देर न करें, फटाफट ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

नगर निगम ने आम जनता से अपील की है कि वे पट्टे की इस सरल प्रक्रिया का पूरा फायदा उठाएं। अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। जो भी लोग पट्टा लेना चाहते हैं, वे अपने जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं और इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने से काम में पारदर्शिता आएगी और आपका पट्टा भी जल्दी बनकर तैयार हो जाएगा। शिविर का लाभ उठाकर लोग अपने सालों पुराने मकानों को सरकारी पट्टे के जरिए कानूनी मान्यता दिला सकते हैं।