
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीण (फोटो - पत्रिका)
अलवर जिले के सरिस्का और आसपास के पहाड़ी इलाकों से सटे गांवों में आए दिन वन्यजीवों की आवक से ग्रामीण सहमे हुए हैं। ताजा मामला पिनान क्षेत्र के लपाला गांव का है, जहां बुधवार तड़के एक पैंथर रिहायशी इलाके में आ घुसा।
गांव के पहाड़ की तलहटी में रहने वाले रामसिंह योगी के मकान के पास बने बाड़े में बकरियां बंधी हुई थीं। अचानक आए पैंथर ने बाड़े पर धावा बोल दिया और दो बकरियों पर हमला कर दिया। चीख-पुकार और हलचल सुनकर जब तक रामसिंह और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक पैंथर एक बकरी को मारकर पहाड़ की तरफ भाग चुका था, जबकि दूसरी बकरी की भी मौके पर ही मौत हो गई।
गांव वालों ने बताया कि इन दिनों खेतों में ज्वार और बाजरे की फसलें काफी ऊंची और लहलहाती हो चुकी हैं। फसलों की ओट मिलने के कारण पिछले कुछ दिनों से पहाड़ियों से निकलकर वन्यजीव आसानी से गांवों के पास तक पहुंच रहे हैं। इससे न केवल मवेशियों और पशुधन की जान पर खतरा बना हुआ है, बल्कि खेतों में काम करने वाले किसानों और राहगीरों के लिए भी बड़ा जोखिम पैदा हो गया है।
पैंथर के इस हमले के बाद से लपाला गांव में भय और दहशत का माहौल है। लोग रात के समय अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और बच्चों को भी अकेले बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।
घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वनकर्मी सोनू शर्मा की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गांव और आसपास के इलाकों में पिंजरा लगाया जाए तथा रात के समय गश्त बढ़ाई जाए ताकि पैंथर को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। साथ ही, पीड़ित पशुपालक रामसिंह योगी को सरकार के नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की भी अपील की गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही, ग्रामीणों से रात के समय अकेले बाहर न निकलने, टॉर्च का इस्तेमाल करने और बच्चों व पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी गई है।
Updated on:
29 Jul 2026 12:56 pm
Published on:
29 Jul 2026 12:56 pm
