
फाईल फोटो
अलवर शहर के लिवारी इलाके में स्थित एक नामी होटल को लीज पर देने के बाद धोखाधड़ी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। अरावली विहार थाना पुलिस ने पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अरावली विहार निवासी 75 वर्षीय भगवत प्रसाद सैनी ने थाने में रिपोर्ट दी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में ब्रेन हैमरेज होने के कारण वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। लिवारी स्थित खसरा नंबर 952/76 पर उनकी भूमि पर 'विरासत भवन डाई पैडी लिवारी' नाम से एक होटल संचालित है। बुजुर्ग ने इस संपत्ति को 16 अप्रैल 2025 को रजिस्टर्ड लीज डीड (किरायानामे) के जरिए आरोपी निशांत दीवान छाबड़ा को किराए पर दिया था।
रजिस्टर एग्रीमेंट के अनुसार, आरोपी को हर महीने 1.35 लाख रुपये मासिक किराया देना तय हुआ था। इसके अलावा बिजली और टेलीफोन के बिलों का भुगतान भी आरोपी को ही अलग से करना था। आरोप है कि लीज पर होटल लेने के बाद आरोपी ने तय शर्तों का पालन नहीं किया। न तो उसने समय पर नियमित किराया चुकाया और न ही तय नियम के अनुसार चेक दिए। पीड़ित पक्ष द्वारा कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद दिसंबर 2025 में आरोपी ने एक ही सीरीज के 5 चेक दिए।
इन चेकों में से तीन चेक तो बैंक में क्लियर हो गए, लेकिन चौथे चेक का आरोपी ने बैंक से स्टॉप पेमेंट (भुगतान रुकवा दिया) करा दिया। हालांकि बाद में दबाव बनने पर उसने उस चेक की राशि आरटीजीएस (RTGS) के जरिए भेजी। इसके बाद आरोपी ने पांचवें चेक पर भी फिर से स्टॉप पेमेंट लगवा दिया, जिससे भुगतान अटक गया। हद तो तब हो गई जब बकाया भुगतान से बचने के लिए आरोपी ने 17 मई 2026 को अरावली विहार थाने में जाकर वही चेक गुम होने की शिकायत दर्ज करा दी, जो वह पहले ही किराए के भुगतान के लिए दे चुका था।
जब बुजुर्ग पीड़ित ने आरोपी को फिर से कानूनी नोटिस भेजा, तो आरोपी ने खुद को बचाने के लिए उल्टा पीड़ित के बेटे पर ही चेक चोरी करने और नकद किराया लेने के झूठे आरोप लगा दिए। अरावली विहार थाना पुलिस ने पीड़ित बुजुर्ग की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले के दस्तावेजों तथा बैंक ट्रांजैक्शन की गहनता से जांच कर रही है।
Updated on:
29 Jul 2026 12:42 pm
Published on:
29 Jul 2026 12:42 pm
