
अलवर जिले के केसरपुर गांव निवासी 20 वर्षीय अग्निवीर जवान समुद्र सिंह अरुणाचल प्रदेश के दिबांग जिले में छह दिन से लापता हैं। 14 अगस्त को इलाके में बादल फटने के बाद भारी भूस्खलन हुआ था। इसकी चपेट में सेना के सात जवान आ गए थे। इनमें से दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि समुद्र सिंह समेत पांच जवान अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सेना की ओर से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लापता जवानों की तलाश की जा रही है।
समुद्र सिंह के लापता होने की सूचना मिलते ही केसरपुर गांव में चिंता का माहौल है। समुद्र के पिता बदलेराम गुर्जर ने बताया कि 14 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे सेना मुख्यालय से फोन आया था। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बादल फटने और भूस्खलन के कारण समुद्र समेत पांच जवान लापता हो गए हैं।
इसके बाद से परिवार लगातार बेटे की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। बदलेराम ने बताया कि समुद्र उनका इकलौता बेटा है। बेटे के लापता होने की खबर सुनने के बाद उसकी मां मैना देवी सदमे में हैं और उनकी तबीयत भी खराब हो गई है। पिता खुद भी लंबे समय से पैरों में दर्द की समस्या से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को समुद्र से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी।
पिता के मुताबिक, फोन पर समुद्र ने बताया था कि उसने छुट्टी के लिए आवेदन किया है और रक्षाबंधन पर घर आने की तैयारी थी। उसने घर आकर पिता का इलाज करवाने की बात भी कही थी। परिवार के लिए बेटे की यह आखिरी बातचीत अब भावुक कर देने वाली याद बन गई है। समुद्र का चयन वर्ष 2024 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में हुआ था।
जबलपुर में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश के दिबांग जिले में हुई थी। समुद्र अभी अविवाहित हैं और परिवार में एकलौता बेटा है। उनकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। पिता खेती करते हैं। समुद्र आखिरी बार मई में छुट्टी लेकर घर आए थे।
घटना की जानकारी मिलने के बाद समुद्र के ताऊ के बेटे प्रहलाद भी अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गए हैं। प्रहलाद खुद सेना में कार्यरत हैं। वहीं, पूरे केसरपुर गांव में समुद्र की सुरक्षित वापसी के लिए लोग प्रार्थना कर रहे हैं। परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि रेस्क्यू टीम जल्द समुद्र और अन्य लापता जवानों तक पहुंचेगी।