
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव व वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने 56 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार जिले के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। केंद्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने भाखेड़ा एनिकट के उद्घाटन पर कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार तेजी से कार्य कर रही है। अलवर के पर्यटन व सरिस्का क्षेत्र का चहुंमुखी विकास व आमजन को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है।
अलवर में पानी की समस्या खत्म करने व वर्षा जल को सहेजने की दिशा में कार्य करते हुए एनिकट निर्माण, बांध व नहरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। भाखेड़ा बांध का शिलान्यास व लोकार्पण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हुआ है, इससे भूजल स्तर रिचार्ज होने के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए पेयजल व आसपास के गांवों के लोगों को कृषि व पेयजल के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने नटनी के बारा से जयसमंद बांध नहर पक्कीकरण कार्य का शिलान्यास किया।
इस मौके पर बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत, जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, महा सिंह चौधरी, डीएफओ अलवर राजेंद्र हुड्डा, डीएफओ सरिस्का अभिमन्यु साहरण, सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, पूर्व महापौर घनश्याम गुर्जर, पूर्व विधायक जयराम जाटव, प्रधान दौलतराम जाटव आदि मौजूद रहे। वहीं, 10 करोड़ रुपए की लागत से 14 किमी लंबी टहला-दबकन-राजौरगढ़-मथरावट सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने नीलकण्ठ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
केंद्रीय वन भूपेन्द्र यादव व वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने विशेष पहल कर स्थानीय महिलाओं से कंपनी बाग में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (शहरी) के अंतर्गत 76.55 लाख रुपए की राशि से निर्मित व केंद्रीय कारागृह में पिंक टॉयलेट के साथ-साथ शिवाजी पार्क में सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण कराया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने सभी का आभार जताया।
आपको बता दें कि राजस्थान सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में प्रदेशभर में 550 करोड़ रुपये की लागत से 100 नए एनीकट बनाने की घोषणा की थी। इसी योजना के तहत सरिस्का सीसीएफ (CCF) कार्यालय के ठीक पीछे भाखेड़ा में इस एनीकट का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। चूंकि यह इलाका पर्यावरण और वन्यजीवों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, इसलिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने कड़े दिशा-निर्देशों के साथ इस परियोजना को अपनी सैद्धांतिक सहमति दी थी।
यह एनीकट सरिस्का के पास बना है, इसलिए राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने इसके निर्माण और उपयोग को लेकर बेहद सख्त शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि भविष्य में इस एनीकट की ऊंचाई कभी भी नहीं बढ़ाई जा सकेगी और इसका इस्तेमाल केवल भूजल रिचार्ज के लिए ही होगा।
इसके अलावा, परियोजना एजेंसी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए रीजनल प्लानिंग एंड एरिया कंजर्वेशन स्कीम (RPACS) के तहत फंड जमा करना होगा। इस फंड से आसपास के 10 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन पौधरोपण किया जाएगा, पर्यटन व गश्त मार्गों को सुधारा जाएगा और वन नाकों को मजबूत किया जाएगा।