
अलवर. शहर में 175 करोड़ रुपए की सीवरेज लाइन पूरी तरह चालू होने से पहले ही ठप होने को है। अभी तक करीब 75 करोड़ रुपए की लाइन डल चुकी है। जिसका कार्य करने के बाद आरयूआईडीपी का कार्यालय भी बन्द हो चुका है। इसके बावजूद भी सीवर लाइन की सफाई का कोई सिस्टम नहीं बनाया है। एक भी एक्सपर्ट कर्मचारी नहीं है। जो सीवर लाइन की सफाई में दक्ष हो। जबकि आरयूआईडीपी के जरिए डाली गई सीवरेज लाइन अभी से जाम हो रही है। एक-दो जगहों पर नगर परिषद के कर्मचारी गए लेकिन उनसे लाइन साफ नहीं हो पाई। वैसे नगर परिषद के पास दो जेट मशीन हैं। लेकिन उनका कोई उपयोग करना जानता ही नहीं है। कभी कभार ही ये मशीनें पुराना सूचना केन्द्र से बाहर निकलती हैं।
अल्कापुरी में नई लाइन जाम पड़ी
शहर के अल्कापुरी में हाल में नई सीवर लाइन डली है। अभी तो गिनेचुने घरों के ही सीवरेज कनेक्शन हुए हैं। इसके बावजूद करीब 1 महीने से लाइन चॉक पड़ी है। कई शिकायतों के बाद नगर परिषद की टीम वहां गई। लेकिन लाइन ठीक नहीं हो सकी। कर्मचारियों ने बताया कि लाइन में जहां तक पाइप गया सफाई कर दी। आगे पाइप नहीं जाने से समस्या हल नहीं हो सकी। जाम का कारण भी पता नहीं लग पा रहा।
जनता अभी से चिंतित, जिम्मेदार चले गए
सीवर लाइन अभी से चॉक होने लगी है। जिसके कारण जनता चिंतित है। जबकि जिम्मेदार अधिकारी अलवर से जा चुके हैं। उनका कहना है कि सीवर लाइन का कार्य पूरा हो गया है। अब नगर परिषद देखरेख करेगी। जबकि नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि उनको लाइन अभी हैण्डओवर नहीं की है। आरयूआईडीपी के जरिए केवल एक पत्र डाक से आया है। एेसे लाइन हैण्डओवर नहीं होती है।
आरयूआईडीपी ने नगर परिषद को सीवर लाइन हैण्डओवर नहीं की है। हम तो विशेष परिस्थिति में टीम भेज रहे हैं। वैसे कोई सीवरेज की सफाई के दक्ष कर्मचारी भी नहीं हैं।
संजय शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद अलवर
अब देखरेख का जिम्मा नगर परिषद का है। लाइन हैण्डओवर कर दी। जिसकी लिखित में भी जानकारी भिजवा दी। अब तो आरयूआईडीपी का कार्यालय ही नहीं है अलवर में।
एसपी सोनी, एक्सईएन, आरयूआईडीपी अलवर