5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्यूआर कोड वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति

दिवाली पर प्रदूषण (Air Pollution) की रोकथाम के लिए अलवर और एनसीआर क्षेत्र में पटाखों को लेकर सरकार ने सख्त गाइडलाइन (New Guidelines) जारी कर दी है। जिले में 6 नवंबर तक पटाखों पर पूरी तरह रोक रहेगी। बाजार में सिर्फ क्यूआर कोड वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखे (Certified Green Crackers) ही बिकेंगे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Rajendra Banjara

•

Updated: 5 Nov 2026, 1:20 PM IST

alwar diwali firecrackers guidelines

representative picture (patrika)

अलवर. दिवाली पर आतिशबाजी के दौरान हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने अलवर सहित एनसीआर क्षेत्र में पटाखों को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत पटाखे चलाने के लिए दिन में केवल दो घंटे की समयावधि तय की गई है। इतना ही नहीं, बाजार में हर पटाखा नहीं बिक सकेगा। केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की ही बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी। यानी पटाखा खरीदने से पहले उसके पैकेट पर क्यूआर कोड देखना भी जरूरी होगा।

पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की शासन सचिव शैलजा देवल के अनुसार 6 नवंबर तक पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे तक ही आतिशबाजी की जा सकेगी। तय समय के अलावा पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। 9 नवंबर से फिर पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

बेरियम और पटाखों की लड़ियों पर रोक

सरकार ने स्पष्ट किया है कि एनसीआर के छह जिलों में केवल सीएसआइआर-एनईईआरआइ से प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही चलाए जा सकेंगे। बेरियम युक्त पटाखों और पटाखों की लड़ियों की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। निर्धारित दुकानों से ही पटाखों की बिक्री की जा सकेगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी पटाखे नहीं बेचे जा सकेंगे।

क्यूआर कोड से होगी असली पटाखों की पहचान

ग्रीन पटाखों के प्रत्येक पैकेट पर क्यूआर कोड अनिवार्य किया गया है। इसे स्कैन करने पर निर्माता, प्रमाणन और लाइसेंस संबंधी जानकारी मिल सकेगी। बिना क्यूआर कोड वाले पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम और स्कूल-कॉलेज के 300 मीटर के दायरे को साइलेंस जोन घोषित किया गया है। यहां पटाखे चलाने पर रोक रहेगी।

गोदामों से लेकर वाहनों तक होगी जांच

अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण रोकने के लिए जिला कलक्टर और पुलिस अधिकारियों को विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। दुकान और गोदामों की जांच के साथ दिल्ली-एनसीआर में आने वाले वाहनों की भी चेकिंग होगी। नियम तोड़ने पर पटाखे जब्त करने और पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल दिवाली के दौरान और उसके बाद रोजाना वायु प्रदूषण के स्तर की निगरानी कर रिपोर्ट तैयार करेगा।