
वीबी-जीरामजी में शिकायतों पर 15 दिन में फैसला (representative picture - patrika)
अलवर. ग्रामीण रोजगार योजना में गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बाद अब लोगों को लंबे समय तक कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने शिकायतों के निस्तारण के लिए समय-सीमा तय करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हर शिकायत की जांच सात कार्य दिवस में पूरी करनी होगी और अधिकतम 15 दिन में उसका निस्तारण करना अनिवार्य होगा। तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित शिकायत को अगले उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
केंद्र सरकार ने वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 के तहत शिकायत निवारण से जुड़े नियम अधिसूचित कर दिए हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के इन नए प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर तीन स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करनी होगी। प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों को नामित किया जाएगा, जिनकी जिम्मेदारी शिकायत प्राप्त करने से लेकर उसकी जांच और निस्तारण तक रहेगी।
नए नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर मिलने वाली शिकायत उसी दिन निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करनी होगी। किसी कारण से ऐसा संभव नहीं होने पर अगले कार्य दिवस तक उसे दर्ज करना अनिवार्य होगा। शिकायतकर्ता को पंजीकरण संख्या, शिकायत प्राप्त होने की तारीख और संबंधित अधिकारी के पदनाम के साथ रसीद भी दी जाएगी। इससे शिकायत की स्थिति का पता लगाना आसान होगा।
शिकायतकर्ता व्यक्तिगत रूप से, स्पीड पोस्ट, निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म या टेलीफोन हेल्पलाइन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। राज्य सरकार की ओर से तय अन्य माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। खास बात यह है कि शिकायत के प्रारूप, भाषा, जमा करने के तरीके या किसी प्रक्रियागत कमी का हवाला देकर उसे दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा।
शिकायत की जांच के दौरान नामित अधिकारी संबंधित विभागों और अधिकारियों से जरूरी रिकॉर्ड, दस्तावेज, रिपोर्ट तथा इलेक्ट्रॉनिक डाटा मांग सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद शिकायत का 15 दिन के भीतर निस्तारण करना होगा। यदि इस अवधि में समाधान नहीं होता है तो मामला उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। ऐसे मामलों की अंतिम निस्तारण तक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से निगरानी भी जारी रहेगी।
Updated on:
4 Nov 2026, 12:54 PM IST
Published on:
4 Nov 2026, 12:54 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.