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झिरी मानचित्र विवाद: 60 दिन में प्रमाणित मानचित्र जारी करें जिला कलक्टर- हाईकोर्ट  का आदेश

अलवर के थानागाजी क्षेत्र के झिरी गांव के मानचित्र (Village Map) को लेकर चल रहे विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने जिला कलक्टर को 60 दिन में प्रमाणित मानचित्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे गांव के किसानों और जमीन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 4 Nov 2026, 11:44 AM IST

jhiri village map dispute

60 दिन में प्रमाणित मानचित्र जारी करें जिला कलक्टर- हाईकोर्ट

अलवर. थानागाजी के झिरी गांव के मानचित्र को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने जिला कलक्टर को 60 दिन में झिरी का प्रमाणित मानचित्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में प्रमाणित मानचित्र जारी नहीं होने पर याचिकाकर्ता दोबारा न्यायालय की शरण ले सकता है। इस आदेश से ग्रामीणों, किसानों और कारोबारियों को राहत मिलने की संभावना है। मंगलवार को न्यायाधीश आनंद शर्मा की बेंच में सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। हालांकि कोर्ट के आदेश अपलोड होने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

झिरी निवासी कैलाश चंद शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वर्तमान प्रचलित मानचित्र में गंभीर त्रुटियां होने का मुद्दा उठाया था। याचिका में कहा गया कि मानचित्र में 10 हेक्टेयर में से एक हेक्टेयर तक की स्केल त्रुटि आ सकती है। इसके अलावा मानचित्र को किसी सक्षम अधिकारी ने प्रमाणित भी नहीं किया है। ऐसे में इसके आधार पर जमीनों की नापजोख करने से वास्तविक क्षेत्रफल में बड़ा अंतर आ सकता है। 

अनाथ आश्रम को एक करोड़ रुपए देने की पेशकश

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आतिश जैन ने दलील दी कि त्रुटिपूर्ण मानचित्र के आधार पर जमीनों की नापजोख होने से भूमाफिया को फायदा मिल सकता है। वहीं गरीब किसानों और मजदूरों की जमीन प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने यह भी बताया कि एक कारोबारी ने मानचित्र प्रमाणित कराने की एवज में अनाथ आश्रम को एक करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी। महाधिवक्ता ने प्रशासन का पक्ष रखा। 

60 दिन में प्रकरण प्रस्तुत करना होगा 

दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जिला कलक्टर को 60 दिन में प्रमाणित मानचित्र जारी करने के निर्देश दिए। हालांकि एसडीएम थानागाजी अरविंद कविया का कहना है कि एएजी ने कोर्ट में प्रशासन का पक्ष प्रमुखता से रखा। याचिकाकर्ता 60 दिन में अपना प्रकरण जिला कलक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इसके आधार पर जिला कलक्टर आगे निर्णय लेंगी। कोर्ट ने इसी के साथ मामले का निस्तारण कर दिया। अब इस आदेश के बाद झिरी गांव के लोगों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। प्रमाणित मानचित्र जारी होने से जमीनों की सही नापजोख और रिकॉर्ड से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।