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अलवर फूड स्ट्रीट: दुकानों के आवंटन पर उठे सवाल, नियमों से फुटकर व्यवसायी बाहर

अलवर में प्रस्तावित फूड स्ट्रीट के लिए दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है।
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Jan 29, 2026
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अलवर में प्रस्तावित फूड स्ट्रीट के लिए दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों और छोटे फूड कारोबारियों का आरोप है कि तय किए गए नियम इतने सख्त हैं कि असली फुटकर व्यवसायी दौड़ से बाहर हो जाएंगे और रसूखदारों को ही दुकानों का लाभ मिलेगा। ऐसे में शहर में जाम की समस्या जस की तस बने रहने की आशंका जताई जा रही है।

लाइसेंस धारक ही आवेदन कर सकेंगे

यूआईटी ने कृषि उपज मंडी के पास फूड स्ट्रीट बनाई है। यहां 43 दुकानदारों को जगह देनी है। इसका जिम्मा नगर निगम को दिया गया है। निगम ने कहा है कि 1 जनवरी, 2025 से पहले के लाइसेंस धारक ही आवेदन कर सकेंगे। यानी वही इसके लिए उपयुक्त हैं। इसके तहत निगम ने करीब 400 से अधिक आवेदनों की बिक्री की। अब लॉटरी के जरिए दुकानों का आवंटन होगा। तमाम ऐसे लोग फॉर्म लेने निगम पहुंचे थे, जिनके पास लाइसेंस नहीं था, लेकिन वह रसोई का बेहतर अनुभव रखते हैं और उन्होंने शहर में अपने ठेले लगाए हुए हैं।

यहां 10 हजार से ज्यादा ठेले वाले

केडलगंज से लेकर नगर निगम के चारों ओर, रोड नंबर दो, गौरव पथ, अस्पताल के आसपास, रेलवे स्टेशन के पास, मनु मार्ग, मोती डूंगरी मार्ग, एसएमडी से परशुराम सर्किल तक 10 हजार से अधिक ठेले लगते हैं।

नगर निगम ने 1 जनवरी 2025 से पहले के लाइसेंस मांगे हैं। ऐसे में स्थापित दुकानदार ही फूड स्ट्रीट में दुकानें पा सकेंगे, लेकिन स्थापित लोग यहां दुकानें चलाएंगे, यह एक सवाल है। भविष्य में यही दुकानें दूसरे तरीके से किराए पर चलाई जा सकती हैं। ऐसे में खुली प्रतियोगिता रखनी चाहिए थी ताकि सभी लोग हिस्सा लेते - प्रमोद शर्मा, रिटायर्ड एक्सईएन, यूआइटी

Updated on:
29 Jan 2026 11:37 am
Published on:
29 Jan 2026 11:37 am