मृतक रकबर के गांव कोलगांव में छाया मातम
नौगांवा. गांव ललावड़ी में ग्रामीणों की पिटाई से युवक की मौत के बाद उसके गांव कोलगांव में मातम छा गया। युवक का शव जैसे ही गांव पहुंचा, उसकी पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रकबर के परिजनों से मिलने बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ पूर्व विधायक आजाद खां व हरियाणा के मम्मन खां पहुुंचे और परिवार को न्याय दिलाने की बात कही। रकबर के परिजनों का कहना था कि उनका बेेटा गोपालक था। उनके दूध को डेयरी पर बेचता था। कुछ लोगों और पुलिस की साजिश के कारण अकबर की जान गई है, उन्हे मामलें में इंसाफ चाहिए और अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए।
चंद घंटों में निपटा मामला, अचरज में लोग :
पिटाई में गोतस्कर की मौत के मामले के चंद घंटों में निपटने ने भी लोगों को अचरज में डाल दिया है। कुछ लोग इसे पुलिस की मुस्तैदी मान रहे हैं तो कुछ राजनीतिक दवाब। दरअसल, यह मामला कुछ ही घंटों में देशभर में चर्चा का विषय बन गया। इस पर कई राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आना शुरू हो गई। इससे पुलिस पर भी दवाब बढ़ गया और पुलिस ने मामले के दो आरोपितों को कुछ ही देर में हिरासत में ले लिया और मृतक का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया।
भीड़ को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। सच्चाई ये है कि कथित गोतस्कर की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। मामले की मजिस्ट्रेट जांच होनी चाहिए।
ज्ञानदेव आहूजा, विधायक रामगढ़
घटना शर्मनाक व निंदनीय है। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमराई हुई है। किसी को मारने का अधिकार जनता को किसने दिया है। भाजपा व उसकी विचारधारा के लोग ऐसी घटनाओं की निंदा करने की जगह महिमामंडन करते हैें।
डॉ. करणङ्क्षसह यादव, सांसद अलवर
रकबर से मारपीट करने वाले चार लोग थे, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो की तलाश जारी है। मृतक के खिलाफ हरियाणा में दर्ज मामलों का भी रिकॉर्ड मंगाया जा
रहा है।
अनिल बेनीवाल, सहायक पुलिस अधीक्षक, अलवर