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राजस्थान में इन दिनों तेज धूप ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। नौतपा की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने आमजन जीवन को काफी प्रभावित किया है। सुबह की शुरुआत होते ही आसमान से आग बरसने लगती है और दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। बुधवार को भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही, जब दोपहर 12 बजे ही अलवर शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज धूप के साथ चल रही थपेड़े जैसी गर्म हवाओं (लू) ने राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशान किया। हालत यह है कि अब सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी बेहद गर्म होने लगी हैं और कूलर-पंखे भी पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं।
इस झुलसाने वाली गर्मी के बीच अलवर वासियों के लिए एक अच्छी और राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, भीषण गर्मी का यह दौर बस आज यानी बुधवार तक ही सबसे ज्यादा परेशान करेगा। गुरुवार से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के एक्टिव होने के कारण आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 30 और 31 मई को अलवर और इसके आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी चलने के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
अगर मौसम विभाग का यह अनुमान सच साबित होता है, तो पिछले एक हफ्ते से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बारिश होने से न सिर्फ तपती धरती शांत होगी, बल्कि तापमान में भी 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और लू के थपेड़ों से परेशान आम जनता, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को काफी चैन मिलेगा।
हालांकि, डॉक्टरों ने सलाह दी है कि मौसम बदलने के दौरान सेहत का खास ख्याल रखें। अचानक ठंडे से गर्म या गर्म से ठंडे माहौल में जाने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। फिलहाल, अलवर के लोगों की नजरें अब आसमान पर टिकी हैं कि कब बादल बरसें और इस गर्मी से छुटकारा मिले।
Published on:
27 May 2026 12:04 pm
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