
दूध की आवक हुई कम
भीषण गर्मी का सीधा असर जिलेभर में हो रही दूध की आवक पर पड़ा है। करीब 15 से 20 प्रतिशत दूध उत्पादन कम हुआ है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि शहर में नकली दूध भी सप्लाई हो रहा हो।
पशुओं में दूध की कमी का असर अलवर डेयरी पर भी नजर आ रहा है। यहां ढाई लाख लीटर प्रतिदिन की बजाय अब केवल डेढ़ लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इसमें करीब एक लाख लीटर की कमी आई है जो कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत है। दूध उत्पादन कम होने से कई दूधियों ने दूध के दाम 4 से 5 रुपए किलो तक बढ़ा दिए हैं। अलवर डेयरी ने दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन जयपुर में दाम बढ़ने के बाद संभावना जताई जा रही है कि यहां भी डेयरी के दूध के दाम बढ़ सकते हैं।
दूध उत्पादन कम होने से मिठाइयां भी कम बन रही हैं। मिठाई विक्रेेता संजय कुमार ने बताया कि रसगुल्ले व अन्य मिठाइयों के लिए दूध मिलना मुश्किल हो रहा है। गैस के दाम बढ़ने की वजह से पहले ही मिठाई के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि गर्मी की वजह से कुछ मिठाइयों को बनाना विक्रेताओं ने कम कर रखा है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. राजीव मित्तल के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान और तापघात के कारण पशुओं में डिहाइड्रेशन, बुखार, दस्त और गर्भपात जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। गर्मी से पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो रही है, जिससे संक्रामक रोग फैलने की संभावना अधिक हो गई है। उन्होंने पशुओं को सुबह से शाम तक ठंडी व हवादार जगहों पर रखने के साथ ही चार से पांच बार ठंडा पानी पिलाने और सूखे चारे के साथ हरा चारा खिलाने की सलाह दी है।
ककराली निवासी पशुपालक इमरान ने बताया कि उनकी गाय और भैंस गर्मी के कारण पहले से कम दूध दे रही हैं। पशुओं का खाना-पीना भी कम होने के कारण यह हुआ है। टोडियार निवासी सुखराम गुर्जर ने बताया कि पहले उनकी भैंस 8 लीटर दूध देती थी, लेकिन अब गर्मी के कारण केवल 4 लीटर दूध दे रही है। पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए उन्हें सुबह और शाम नहलाया जा रहा है।
Published on:
27 May 2026 11:11 am
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