
छात्रों से समझाइश करते प्रिंसिपल अशोक आर्य (फोटो - पत्रिका)
अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय में बुधवार को सैकड़ों स्टूडेंट्स ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। स्टूडेंट्स का आरोप है कि कॉलेज में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। क्लास रूम पूरी तरह खाली पड़े रहते हैं और पढ़ाई ठप है। सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया कि कॉलेज का आधा स्टाफ सुबह आता तो है, लेकिन अपनी हाजिरी (अटेंडेंस) लगाने के तुरंत बाद चुपके से घर के लिए रफूचक्कर हो जाता है। इसके चलते दूर-दराज के गांवों से आने वाले छात्र दिनभर बिना पढ़ाई किए कॉलेज में भटकने को मजबूर हैं।
कॉलेज गेट पर धरना और तीखा विरोध
स्टाफ की इस मनमानी और रोज-रोज की लापरवाही से तंग आकर छात्रों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। छात्र एकजुट हुए और कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जब कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अशोक आर्य मौके पर पहुंचे, तो उग्र छात्रों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। छात्रों ने प्रिंसिपल के सामने अपनी समस्याओं को रखते हुए साफ कहा कि अब उनकी बर्दाश्त की सीमा खत्म हो चुकी है।
हंगामे के दौरान माहौल उस समय और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया जब छात्र नेता विजय यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कॉलेज के हालात और शिक्षकों का यह रवैया जल्द नहीं सुधरा, तो छात्र स्टाफ की कारों के शीशे तोड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बात यहीं नहीं रुकी, विजय यादव ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो वे कॉलेज परिसर में आत्मदाह (खुद को आग लगाने) जैसा आत्मघाती कदम उठाने को भी मजबूर हो जाएंगे।
छात्रों के इस उग्र रूप और तीखे विरोध को देखते हुए प्रिंसिपल अशोक आर्य ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने मौके पर ही छात्रों से काफी देर तक समझाइश की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रिंसिपल ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि शिक्षकों की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कोई भी स्टाफ मेंबर हाजिरी लगाकर गायब होता है, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्र शांत हुए, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि अगर जल्द असर नहीं दिखा तो बड़ा आंदोलन होगा।
Published on:
27 May 2026 02:59 pm
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