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Alwar Mandi: अलवर मंडी में प्याज की बंपर आवक, एक ही दिन में 400 रुपए प्रति मण गिरे भाव

अलवर की मंडी में प्याज (Onion) की आवक बढ़ने से किसानों को मिलने वाले भाव में गिरावट आई है। गुरुवार को मंडी में करीब 40 हजार कट्टे प्याज पहुंचे। दागी और नमी वाली प्याज की आवक के चलते एक ही दिन में भाव 400 रुपए प्रति मण तक कम हो गए। किसानों को कम कीमत मिली।
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Updated: 6 Nov 2026, 2:46 PM IST
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अलवर मंडी में प्याज के भाव गिरे (फोटो - पत्रिका)

अलवर. मंडी में प्याज की बढ़ती आवक (Onion Arrival) अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। बड़ी मात्रा में प्याज पहुंचने और उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं होने से भावों में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अलवर मंडी में करीब 40 हजार कट्टे प्याज पहुंचे। इसके चलते एक ही दिन में प्याज के भाव 400 रुपए प्रति मण तक नीचे आ गए। किसानों को अपनी उपज के 1000 से 1400 रुपए प्रति मण तक भाव मिले।

दागी और नमी वाली प्याज से गिरे भाव

मंडी व्यापारियों के अनुसार, इस बार बारिश की आशंका के चलते कई किसानों ने प्याज की खुदाई (Onion Harvesting) समय से पहले कर ली। इसके बाद प्याज को खेतों में पर्याप्त समय तक सुखाने के बजाय सीधे मंडी में बिक्री के लिए पहुंचा दिया। इस वजह से मंडी में दागी और नमी वाली प्याज की आवक ज्यादा हो रही है।

प्याज में नमी होने और गुणवत्ता प्रभावित होने का सीधा असर उसके भाव पर पड़ रहा है। व्यापारी ऐसी प्याज को ज्यादा समय तक रखने से भी बचते हैं, क्योंकि नमी के कारण प्याज खराब होने की आशंका रहती है। इसी वजह से किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं।

एक दिन में 400 रुपए प्रति मण तक गिरावट

गुरुवार को मंडी में प्याज के करीब 40 हजार कट्टे पहुंचने से बाजार में आपूर्ति बढ़ गई। आवक अधिक होने और गुणवत्ता में अंतर के कारण भावों में गिरावट देखने को मिली। किसानों को 1000 से 1400 रुपए प्रति मण तक कीमत मिली। व्यापारियों के मुताबिक, एक ही दिन में भाव 400 रुपए प्रति मण तक कम हुए हैं।

इस गिरावट से उन किसानों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जिन्होंने बारिश की आशंका के कारण जल्दबाजी में प्याज की खुदाई कर ली थी। अब उन्हें मंडी में उम्मीद के मुताबिक कीमत नहीं मिल रही है।

सूखी प्याज की आवक बढ़ने पर मिल सकते हैं बेहतर भाव

मंडी व्यापारियों का कहना है कि आगामी दिनों में अच्छी तरह सूखी और कम नमी वाली प्याज की आवक बढ़ने की उम्मीद है। यदि मंडी में बेहतर गुणवत्ता की प्याज पहुंचती है तो किसानों को अच्छे भाव मिल सकते हैं। ऐसे में प्याज की गुणवत्ता और मंडी में आने वाली कुल आवक पर बाजार का रुख निर्भर करेगा।

किसानों के लिए जरूरी है कि प्याज की खुदाई के बाद उसे पर्याप्त समय तक सुखाया जाए, ताकि नमी कम हो और गुणवत्ता बनी रहे। इससे मंडी में उपज बेचते समय बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहेगी।

Updated on:
6 Nov 2026, 2:46 PM IST
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